अल्मोड़ा: सिर्फ विज्ञान केंद्र नहीं, समग्र विकास केंद्र बने एमकेएससी— डा. उनियाल
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✍️ यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक ने किया मानसखंड विज्ञान केंद्र का निरीक्षण
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: अल्मोड़ा में स्थापित मानसखंड विज्ञान केंद्र को सिर्फ एक विज्ञान केंद्र तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि इसे समग्र विकास केंद्र बनाया जाना है। ऐसे प्रयास बेहद जरूरी हैं। यह बात यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डा. डीपी उनियाल ने कही। डा. उनियाल ने अल्मोड़ा पहुंचकर इस केंद्र की व्यवस्थाओं व संचालन को बारीकी से परखा।
यूकॉस्ट के संयुक्त निदेशक डॉ. देवी प्रसाद उनियाल ने वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. पीयूष जोशी के साथ अल्मोड़ा पहुंचकर मानसखंड विज्ञान केंद्र (एमकेएससी) अल्मोड़ा का निरीक्षण किया। उनके साथ वरिष्ठ भी थे। उन्होंने मानसखंड विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र जोशी से केंद्र में विभिन्न दीर्घाओं के संचालन पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्र के समग्र विकास और वैज्ञानिक प्रयासों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस दौरान डॉ. उनियाल ने दीर्घाओं की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा और प्रासंगिक दस्तावेज़ीकरण की समीक्षा की। देहरादून में क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी और प्रभारी डॉ. पीयूष जोशी ने अपने अनुभवों से साझा किया। उन्होंने कार्मिकों से बच्चों में नियमित सीखने की प्रक्रिया विकसित करने पर काम करने का अनुरोध किया।
इस मौके पर संयुक्त निदेशक ने केंद्र के कार्मिकों से भी संवाद किया एवं उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया और केंद्र को सिर्फ एक विज्ञान केंद्र ही नहीं बल्कि समग्र विकास केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र क्षेत्र के वैज्ञानिक स्वभाव और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए यूकॉस्ट की मजबूत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और मानसखंड विज्ञान केंद्र इस पूरे क्षेत्र में विज्ञान शिक्षा और आउटरीच को आगे बढ़ाएगा। डॉ. उनियाल ने केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र जोशी और उनकी टीम के प्रयासों और कार्यों की सराहा। इस अवसर पर केंद्र के प्रदीप तिवारी, शिवम् पंत, संजय कनवाल, भास्कर देवडी, मनीष पालीवाल, तमन्ना बोरा, पारस कुमार, उमेश बिष्ट आदि मौजूद रहे।