रेडक्रॉस चेयरपर्सन आशीष वर्मा ने सिखाई जीवनरक्षक CPR तकनीक
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। हुकुम सिंह बोरा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोमेश्वर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में 12 मार्च से 17 मार्च 2026 तक आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पंचम दिवस पर समाजोपयोगी ज्ञान, जागरूकता और जीवनरक्षक प्रशिक्षण से जुड़े दो महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, अल्मोड़ा के सहयोग से विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा, सामाजिक जागरूकता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्य अनूप साह ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए “वसुधैव कुटुंबकम” की भारतीय संस्कृति का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि शिविर केवल एक औपचारिक गतिविधि नहीं, बल्कि समाज सेवा और मानवीय मूल्यों को सीखने का मंच है। उन्होंने स्वयंसेवकों को संदेश दिया कि शिविर के दौरान सभी प्रतिभागी एक परिवार की तरह रहें, एक-दूसरे की सहायता करें और सेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रही डिजिटल धोखाधड़ी की घटनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं, जिनमें फिशिंग, पहचान की चोरी, मालवेयर और स्पाइवेयर, डिजिटल अरेस्ट, सिम स्वैपिंग, फर्जी लॉटरी, पार्सल कॉल, क्यूआर कोड स्कैम जैसे कई तरीके शामिल हैं।
अनूप साह ने विद्यार्थियों को इनसे बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर भरोसा न करें, अपने बैंकिंग विवरण किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध क्यूआर कोड को स्कैन करने से बचें। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ डिजिटल धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज करनी चाहिए या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करनी चाहिए।
उन्होंने “गोल्डन ऑवर” की अवधारणा समझाते हुए कहा कि धोखाधड़ी का पता चलते ही तुरंत बैंक को सूचना देना बहुत आवश्यक है, जिससे आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में विशेष रूप से बुजुर्ग लोगों को इन साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें, ताकि ठगों द्वारा आम जनता को निशाना न बनाया जा सके।
शिविर का अंतिम और अत्यंत महत्वपूर्ण सत्र जिला रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरपर्सन आशीष वर्मा द्वारा लिया गया। इस सत्र में उन्होंने विद्यार्थियों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की तकनीक सिखाई। उन्होंने डमी मॉडल के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति की सांसें रुक जाएं या दिल की धड़कन बंद हो जाए, तो तुरंत सीपीआर देकर उसकी जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत प्रतिक्रिया देना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। सही समय पर दिया गया सीपीआर कई बार किसी व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। विद्यार्थियों ने इस प्रशिक्षण में बड़े उत्साह के साथ भाग लेते हुए स्वयं भी सीपीआर का अभ्यास किया और इस महत्वपूर्ण तकनीक को सीखा।
इसके साथ ही आशीष वर्मा ने युवाओं को नशा मुक्ति का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी बाधा उत्पन्न करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक डॉ. संजय ने योजना के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनएसएस का आदर्श वाक्य “स्वयं से पहले आप” (Not Me But You) युवाओं में सेवा भावना, सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. सुनीता जोशी द्वारा किया गया। अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. अवनीन्द्र कुमार जोशी ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को समाज के प्रति जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी के राज्य उपाध्यक्ष मनोज सनवाल, डॉ. चंद्र प्रकाश वर्मा, डॉ. शालिनी, डॉ. अनीता, डॉ. प्राची, डॉ. नेहा, डॉ. विवेक, डॉ. सुश्री हिमाद्रि, डॉ. इन्दू, डॉ. विपिन पुजारी, डॉ. हर्षा, डॉ. पुष्पा, डॉ. आंचल, एनएसएस स्वयंसेवक ललित कुमार सहित महाविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
शिविर में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लेते हुए समाजोपयोगी ज्ञान प्राप्त किया और प्रशिक्षण से मिली सीख को भविष्य में समाज सेवा के कार्यों में उपयोग करने का संकल्प लिया।


