अल्मोड़ा : टनल योजना लंबित रहने से खफा पूर्व मंत्री, सीएम को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
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अल्मोड़ा। एनआरएचएम उत्तराखंड के पूर्व उपाध्यक्ष बिट्टू कर्नाटक ने अल्मोड़ा के बहुप्रतीक्षित टनल योजना का मुद्दा उठाया है। उन्होंने इस अनूठी योजना को हासिये पर डाल दिए जाने पर कड़ी आपत्ति प्रकट की है और मुख्यम़ंत्री को ज्ञापन भेजकर इसके कार्य को आगे बढ़ाने की पुरजोर मांग की है। साथ ही इसके लिए चयनित जमीन की खरीद—फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
डीएम के माध्यम से भेजे ज्ञापन में कहा है कि वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अल्मोड़ा में लोअर माल रोड से धारानौला (सिकुडा बैण्ड) तक अल्मोड़ा की यातायात व्यवस्था की बेहतरी के लिए टनल निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी थी। तदुपरान्त वर्ष 2016 में सरकार द्वारा टनल की फिजिविलिटी परीक्षण को लोनिवि के प्रान्तीय खण्ड को 50 लाख रूपये भी जारी किये और विभाग द्वारा फिजिविलिटी परीक्षण का जिम्मा गुडगांव की कम्पनी एमबर्ग इन्जीनियरिंग को सौंपा और विशेषज्ञों ने यह परीक्षण किया। लोनिवि ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी।। कुल 1228 मीटर लम्बी इस टनल की अनुमानित लागत डेढ़ अरब रूपये है। तब से यह योजना शासन स्तर पर लम्बित है । उन्होंने यह शिकायत भी की है कि भू-माफियाओं द्वारा संबंधित भूमि की खरीद—फरोख्त कर इस टनल के प्रोजेक्ट को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। भू-माफिया स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर इस अनूठी योजना को सफल नहीं होना देना चाहत।
ज्ञापन में भू-माफियाओं के कुत्सित प्रयासों को रोकते हुए इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाये जाने तथा इसके लिए चयनित भूमि की खरीद फरोख्त पर अविलंब रोक लगाने तथा चिह्नित भूमि में अवैध निर्माण को रोक लगाने की मांग की है। चेतावनी भी दी है कि यदि टनल का कार्य अतिशीघ्र प्रारम्भ नहीं हुआ, तो स्थानीय जनता को साथ लेकर आन्दोलनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन व सरकार की होगी।