HomeUttarakhandAlmoraदु:खद: जाने—माने शिक्षाविद् एवं नामी साहित्यकार प्रो. शेर सिंह बिष्ट नहीं रहे,...

दु:खद: जाने—माने शिक्षाविद् एवं नामी साहित्यकार प्रो. शेर सिंह बिष्ट नहीं रहे, कोरोना संक्रमण की चपेट में आए, देर रात सुशीला तिवारी में ली अंतिम सांस, कुमाऊंनी व हिंदी साहित्य की भारी क्षति

ADVERTISEMENTS

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
जाने—माने शिक्षाविद् एवं लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार प्रो. शेर सिंह बिष्ट का गत देर रात्रि निधन हो गया। बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद उन्हें गत दिवस ही सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में भर्ती कराया गया था। उनके निधन से हिंदी व कुमाऊंनी साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति हुई है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के एसएसजे कैंपस के हिंदी विभागाध्यक्ष रहे प्रो. शेर सिंह बिष्ट इनदिनों रौतेला कालोनी, रूपनगर हल्द्वानी में रह रहे थे।

Big Breaking Haldwani : पैराग्लाइडिंग के दौरान हुआ बड़ा हादसा, तेज हवाओं से बिगड़ा संतुलन, पेड़ पर अटकी महिला सैलानी, सकते में आ गयी जान, पढ़िये पूरी ख़बर…..

65 साल के मैराथन मैन महिपाल सिंह
65 की उम्र में शुगर को दी मात!
देखें 'फिट दादाजी' की पूरी कहानी (आवाज़ के साथ)

बीते कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था। बताया जा रहा है कि वह कोविड—19 के संक्रमण की चपेट में आ गए। गत दिवस ही उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां देर रात्रि उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके अचानक दुनिया से विदा लेने से हिंदी व कुमाऊंनी साहित्य जगत को भारी क्षति पहुंची है और साहित्यकारों, कवियों व साहित्य से जुड़े तमाम लोगों में जबर्दस्त शोक की लहर फैली है।

दिल्ली है दिलवालों की ! आज रात 10 बजे से लागू हो जायेगा कम्पलीट लॉकडाउन ! अब क्या खायेंगे, कहां जायेंगे प्रवासी, बता तो दे दिल्ली और केंद्र सरकार ?

प्रो. बिष्ट के दो पुत्र हैं और दोनों ही बंगलौर की प्रतिष्ठित फर्मों में इंजीनियर हैं। बताया जा रहा है कि उनका एक पुत्र भी कोरोना संक्रमित है, जिनका हल्द्वानी के ​एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।

Big News : 01 मई से 18 से ऊपर आयु वर्ग के सभी लोगों को लगेगी कोरोना वैक्सीन

अल्मोड़ा जिले के भनोली तहसील अंतर्गत डुंगरा गांव ​के मूल निवासी प्रो. बिष्ट का नाम जाने—माने विद्वानों में शुमार रहे। हिंदी साहित्य के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार रहे प्रो. बिष्ट ने कुमाऊंनी साहित्य को सींचने में भी कोई कोर—कसर नहीं छोड़ी। बेहद मिलनसार, सरल स्वभावी एवं मृदुभाषी प्रो. बिष्ट ने वरिष्ठ साहित्यकार, समालोचक, समीक्षक, कवि, लेखक एवं समाजसेवी के रूप में पहचान बनाई।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की रिपोर्ट आई कोरोना पॉजिटिव, अस्पताल भर्ती

Big Breaking : उत्तराखंड में कोरोना का बढ़ रहा प्रकोप, 24 की चली गई जान, 2 हजार 160 नए केस

कोरोना के बढ़ते मामलों पर कोर्ट ने उप्र. सरकार को दिए 26 अप्रैल तक लॉकडाउन के आदेश

बागेश्वर : देवता का समझते रहे प्रकोप और बीमारी ने ले ली जान, अस्पताल में महिला की मौत

ब्रेकिंग : दिल्ली में कोरोना के 25 हजार से अधिक नए मामले, 161 की मौत

नैनीताल जिले में आने वाले प्रवासियों को होम क्वारंटाइन अनिवार्य, जारी हुए नए आदेश

उत्तराखंड, कोरोना का सितम : मां की मौत का मना रहे थे मातम, बेटा भी चल बसा, परिवार के अन्य सदस्य भी संक्रमण की चपेट में

ADVERTISEMENTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments