छात्राओं ने सीखे सीपीआर के गुर
अल्मोड़ा (सीएनई रिपोर्टर): राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) अल्मोड़ा में रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में जीवन बचाने की तकनीक सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) से अवगत कराना और परीक्षा के दौरान मानसिक तनाव को प्रबंधित करने के तरीके सिखाना था।

रेडक्रॉस (Red Cross Society) की ओर से जीजीआईसी अल्मोड़ा में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं को जीवनरक्षक तकनीक सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में सही समय पर सही कदम उठाने के प्रति छात्राओं को जागरूक करना था।
सीपीआर: सांसे थमने पर ऐसे बचाएं जान
कार्यक्रम के दौरान रेडक्रॉस के अध्यक्ष आशीष वर्मा ने छात्राओं को सीपीआर की प्रक्रिया के बारे में मौखिक और प्रयोगात्मक (Practical) दोनों तरीकों से विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि:
- प्राथमिक जांच: सबसे पहले बेहोश व्यक्ति की सांस और नब्ज का परीक्षण करें। यदि सांस या नब्ज नहीं मिल रही है, तभी सीपीआर शुरू करें।
- आपातकालीन कॉल: सीपीआर शुरू करने के साथ ही तुरंत 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाएं।
- चेस्ट कंप्रेशन: छात्राओं को छाती पर सही तरीके से दबाव (Compression) देने की तकनीक सिखाई गई।
- कृत्रिम सांस: आपात स्थिति में मुंह से सांस (Rescue Breaths) देने का सही तरीका भी बताया गया।
परीक्षा के तनाव को कहें ‘बाय-बाय’
वर्तमान में परीक्षाओं के बढ़ते दबाव को देखते हुए डॉक्टर जे. सी. दुर्गापाल ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि सही रणनीति से तनाव कम किया जा सकता है।
- अभिभावकों से अपील: डॉ. दुर्गापाल ने माता-पिता से आग्रह किया कि वे बच्चों पर अधिक अंक लाने के लिए अनावश्यक दबाव न डालें। हर बच्चे की सीखने की क्षमता अलग होती है।
- तनाव मुक्ति के उपाय: उन्होंने छात्राओं को एकाग्रता बढ़ाने और शांत रहने के लिए नियमित योग और ध्यान (Meditation) अपनाने की सलाह दी।
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में विद्यालय की प्रधानाचार्या, समस्त शिक्षिकाएं, छात्राएं और रेडक्रॉस के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। छात्राओं ने इस सत्र को अत्यंत लाभकारी बताया और जीवन रक्षक कौशल सीखने के प्रति उत्साह दिखाया।

