सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी
उत्तराखंड के नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जगह-जगह हो रहे भूस्खलन ने स्थिति को बेहद खतरनाक बना दिया है। खास तौर पर अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। क्वारब से लेकर खैरना तक कई स्थानों पर पहाड़ टूटकर सड़क पर आ गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।

नैनीपुल के पास बाल-बाल बचे कांस्टेबल
नैनीपुल के पास एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात पूरी तरह से रुक गया है। इस घटना ने एक भयानक हादसे को टलने से बचा लिया। सुयालबाड़ी से नैनीपुल की ओर आ रहे एक कॉन्स्टेबल आनंद राणा अपनी बाइक पर थे, जब यह पेड़ गिरा। अगर वह कुछ सेकंड और आगे होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। किस्मत ने उनका साथ दिया और वे सुरक्षित बच गए।
राहत और बचाव कार्य जारी
इन विकट परिस्थितियों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं। लोक निर्माण विभाग के कर्मी भी सड़कों को साफ करने और यातायात बहाल करने के लिए जी-जान से जुटे हैं। हालांकि, लगातार हो रहे भूस्खलन और बारिश के कारण राहत कार्यों में बाधा आ रही है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता, तब तक सावधानी बरतना ही सबसे सही कदम होगा। यह प्राकृतिक आपदा एक बार फिर साबित करती है कि मानसून के दौरान पहाड़ों पर यात्रा कितनी जोखिम भरी हो सकती है।

