HomeUttarakhandUdham Singh Nagarकिच्छा न्यूज़ : उत्तराखंड में भी बने सिंधी अकादमी

किच्छा न्यूज़ : उत्तराखंड में भी बने सिंधी अकादमी

किच्छा। युवा समाजसेवी ताराचंद सिंधी तथा युवा नेता धर्मेंद्र सिंधी ने सिंधी भाषा, साहित्य व संस्कृति को बचाने के लिए उत्तराखंड सरकार सिंधी अकादमी का गठन करने की मांग की। प्रदेश सरकार से सिंधी अकादमी का गठन करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि सिंधी समाज के इष्ट देव प्रभु झूलेलाल, अमर शहीद संत कंवर राम, सिंधुपति महाराजा दाहर सेन, वीर हेमू कालानी की जीवनी को सरकारी पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाए, ताकि युवाओं को महापुरुषों की जानकारी मिल सके। इसी अभियान के तहत उत्तर प्रदेश सिंधी युवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश ओमी ने सिंधियत बचाओ ऑनलाइन जागरूकता अभियान के तहत किच्छा के निकटवर्ती ग्राम गिद्धपुरी निवासी तमाम सिंधी परिवारों से वार्ता करते हुए उन्हें जागरूक किया।

ADVERTISEMENTSAd Ad

प्रदेश अध्यक्ष ओमी ने सिंधी परिवारों से ऑनलाइन बातचीत करते हुए कहा कि शीघ्र ही उत्तर प्रदेश में सिंधी युवा समाज का गठन राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महापुरुषों की जीवनी सरकारी पाठ्य पुस्तकों में शामिल की जाए, ताकि युवा पीढ़ी को अपने महापुरुषों के बारे में जानकारी हो सके और सिंधी अकादमी का गठन हो, ताकि सिंधी भाषा, साहित्य, संस्कृति का प्रचार प्रसार हो सके। उन्होंने बताया कि दोनों मांगों के लिए शीघ्र ही उत्तराखंड सिंधी समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री व राज्यपाल से मिलकर एक ज्ञापन सौंपेगा।

इस दौरान ऑनलाइन चर्चा में सिंधी समाज के धर्मेंद्र मंगलानी, गुलशन तनवानी, किशनलाल आयलानी, चिमनलाल खानवानी, रमेश तिरनानी, नरेंद्र भागवानी, ताराचंद जेठवानी, विष्णु वाधवानी आदि से विस्तार से चर्चा की और समाज में जागरूकता बढ़ाने को लेकर कार्यक्रम आयोजन करने के सुझाव दिए। प्रदेश अध्यक्ष ओमी ने सिंधी परिवारों से कहा कि सिंधी भाषा, साहित्य, संस्कृति व सिंधी तीज त्यौहार धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं, जो कि एक बडे खतरे का संकेत है। उन्होंने कहा कि भाषा, साहित्य, संस्कृति व तीज त्यौहार और सिंधी संतो, महापुरुषों, शहीदों का इतिहास जिंदा रखने के लिए पूरे देश के सिंधी परिवारों में “सिंधियत बचाओ ऑनलाइन जागरूकता अभियान” चलाया जा रहा है, जिससे समाज के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा होगी।

जागरूकता अभियान प्रदेश सहित पूरे देश में दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि यदि भाषा, संस्कृति, साहित्य व सिंधी तीज त्यौहार और व्यंजन लुप्त हो गए तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सिंधी तीज त्यौहार जिसमें टीजड़ी, गोगो, थदड़ी, सगडा आदि त त्यौहार सिंधी समाज पूरे उत्साह व उमंग के साथ मनाता है, जिसमें तरह-तरह के सिंधी व्यंजन तैयार किए जाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह परंपराएं समाप्त होती जा रही है, आज की युवा पीढ़ी घरों में सिंधी भाषा का प्रयोग नहीं कर रही हैं, जो की चिंता का विषय हो गया है। इस अभियान के लिए प्रदेश के सभी जनपदों की सिंधी पंचायतों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों का सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष से ऑनलाइन चर्चा के दौरान सभी ने कहा कि सिंधी परिवारों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिससे सिंधियत का विकास हो और युवाओं में जागृति पैदा हो।

ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments