







सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
शुक्रवार की सुबह लगभग चार घंटे तक झमाझम बारिश हुई। जिससे दस सड़कें आवागमन के लिए बंद हो गई हैं। कपकोट में 75 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। जिससे लोगों के घरों में पानी घुस गया। सड़कें ताल-तलैया बन गई और सरयू-गोमती नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया।
पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने से उमस भरी गर्मी पड़ने लगी थी। शुक्रवार को इंद्र देव प्रसन्न हुए और झमाझम बारिश होने से घरों के आंगन, सड़कें और रास्तों में जलभराव हो गया। मंडलसेरा वार्ड में संकरे रास्तों में पानी बहने लगा। जिसके कारण लोगों की आवाजाही लगभग पांच घंटे प्रभावि रही। सीर गांव में विक्टर सिंह के आंगन में पानी भर गया। उन्होंने बताया कि उनकी एक दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई है। नाली बंद होने से बारिश का पानी उनके मकान को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके अलावा तहसील रोड, सैंज आदि स्थानों पर भी जलभराव होने के कारण लोग परेशान रहे। बारिश के कारणस गरुड़-द्यौनाई, पौढ़ीधार-चौगांवछीना-पालड़ीछीना, कंधार-सिरमोली-लोहागड़ी, बिजौरीझाल-ओलखसों, डंगोली-सैलानी, जखेड़ा-डाकघर-लमचूला, धरमघर-माजखेत, कपकोट-कर्मी, शामा-नौकोड़ी, तोली आदि सड़कें बंद हो गई हैं। जिसके कारण दस हजार से अधिक जनसंख्या प्रभावित हो गई है।












