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ईरान, बड़ा पलटवार: जॉर्डन में अमेरिका का 2700 करोड़ का THAAD रडार तबाह

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मिडिल ईस्ट में युद्ध और भड़का

CNE DESK : अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध लगातार खतरनाक होता जा रहा है। जंग के आठवें दिन ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर तैनात अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम THAAD (Terminal High Altitude Area Defense) के रडार को तबाह कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हमला अमेरिका के लिए बड़ा सैन्य झटका माना जा रहा है, क्योंकि इस सिस्टम का इस्तेमाल दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानने और उन्हें हवा में ही नष्ट करने के लिए किया जाता है।


₹2700 करोड़ का THAAD रडार सिस्टम नष्ट

हमले में THAAD सिस्टम का अहम हिस्सा AN/TPY-2 रडार पूरी तरह नष्ट हो गया।

  • रडार की कीमत: लगभग 300 मिलियन डॉलर (करीब ₹2700 करोड़)
  • पूरे THAAD सिस्टम की कीमत: करीब 1 बिलियन डॉलर (₹22 हजार करोड़)
  • अमेरिका के पास केवल 7-8 THAAD सिस्टम ही मौजूद हैं

इसी वजह से इस नुकसान को अमेरिकी रक्षा नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।


खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले

ईरान ने पिछले एक सप्ताह में सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

ईरान का दावा है कि उसने कुवैत, बहरीन और यूएई में मौजूद करीब 20 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है।


युद्ध में अमेरिका का बढ़ता खर्च

ईरान के खिलाफ युद्ध अमेरिका के लिए आर्थिक रूप से भी भारी पड़ रहा है।

अमेरिकी थिंक टैंक Center for Strategic and International Studies (CSIS) की रिपोर्ट के मुताबिक:

  • युद्ध के पहले 100 घंटों में 3.7 बिलियन डॉलर खर्च
  • हर दिन करीब 891 मिलियन डॉलर का खर्च
  • शुरुआती हमलों में 2000 से ज्यादा भारी हथियार इस्तेमाल

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस खर्च का बड़ा हिस्सा अमेरिकी रक्षा बजट में पहले से शामिल नहीं था।


तीसरा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने की तैयारी

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर USS George H. W. Bush जल्द ही पश्चिम एशिया भेजा जा सकता है।

इस समय क्षेत्र में अमेरिका के दो बड़े युद्धपोत पहले से मौजूद हैं:

  • USS Gerald R. Ford – रेड सी में
  • USS Abraham Lincoln – अरब सागर में

यदि तीसरा कैरियर भी तैनात किया जाता है तो यह हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य मौजूदगी होगी।


भारत में रुका ईरान का युद्धपोत

इसी बीच ईरान का युद्धपोत IRIS Lavan तकनीकी खराबी के कारण भारत के Kochi बंदरगाह पर रुका हुआ है।

  • 28 फरवरी को ईरान ने भारत से तकनीकी मदद मांगी
  • 1 मार्च को भारत ने डॉकिंग की अनुमति दी
  • 4 मार्च को जहाज कोच्चि बंदरगाह पहुंचा

जहाज के 183 क्रू सदस्य फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।


पूरे पश्चिम एशिया में बढ़ता संकट

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर बड़े हमले शुरू किए जाने के बाद पूरे पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं।

अब तक:

  • ईरान में 1300 से ज्यादा हमले
  • 14 मेडिकल सेंटर निशाना बने
  • कई शहरों में पानी और बिजली की सप्लाई ठप

ईरान ने साफ कहा है कि वह “आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेगा”, जबकि अमेरिका और इजराइल अपने हमले तेज करने की तैयारी में हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो यह संघर्ष पूरे मिडिल ईस्ट को बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।

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