बंजर पड़ी है अधिकांश खेती की जमीन
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के सख्त निर्देशों के बाद, बागेश्वर में जनपद स्तरीय अधिकारियों की एक टीम ने गंभीर रूप से पलायन प्रभावित राजस्व गांव नायल के तोक चौनी का विस्तृत निरीक्षण किया। यह निरीक्षण परियोजना निदेशक (PD), जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (DRDA) शिल्पी पंत की अध्यक्षता में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समस्याओं और खेती की जमीन के बंजर होने के कारणों को जानना था।
परिवार रजिस्टर के आंकड़ों के अनुसार, नायल राजस्व ग्राम में कुल 23 परिवार पंजीकृत हैं। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान पता चला कि इनमें से 10 परिवार (लगभग 43%) बेहतर रोजगार, उच्च शिक्षा और अन्य अवसरों की तलाश में गांव से पलायन कर चुके हैं।
पलायन के इस गंभीर प्रभाव के कारण, गांव की अधिकांश कृषि भूमि पर खेती नहीं हो पा रही है और जमीन बंजर पड़ी हुई है। हालांकि, ग्रामीणों ने टीम को यह भी बताया कि पलायन कर चुके परिवार समय-समय पर गांव आते-जाते रहते हैं।
ग्रामीणों ने गिनाईं प्रमुख समस्याएं
निरीक्षण के दौरान, स्थानीय ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपनी प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया। उनकी मुख्य मांगों में सड़क सुविधा का विस्तार, नदी-नालों पर पुलिया का निर्माण और बिजली की समस्या से निपटने के लिए सोलर पावर पैनल की कमी शामिल थी।
परियोजना निदेशक शिल्पी पंत ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की मांग के अनुरूप, विशेषकर सड़क, पुलिया और सोलर पैनल की आवश्यकताओं के लिए तत्काल आवश्यक सर्वे कराया जाए और समस्या समाधान की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाए।
निरीक्षण टीम में शामिल रहे ये अधिकारी
इस निरीक्षण दल में जिला विकास अधिकारी (DDO) संगीता आर्या, खण्ड विकास अधिकारी (BDO), एडीओ उद्यान, एडीओ कृषि, पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि, सहकारिता विभाग के अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल थे। स्थानीय स्तर से क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि आनन्द तिवाड़ी और ग्राम प्रधान नायल संतोष दफौटी भी इस दौरान उपस्थित रहे।

