सीएनई रिपोर्टर
कोरोना वायरस ने न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी आम जन को तोड़ कर रख दिया है। महाराष्ट्र के नांदेड़ में बहुत ही दु:खद मामला आया है, जहां कोरोना वायरस से पति की मौत के बाद पत्नी ने तीन साल के बच्चे सहित झील में कूदकर अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार तेलंगाना से यह परिवार नांदेड सिटी से 40 किमी दूर स्थित लोहा आया था। यह परिवार जैसे—तैसे अपना जीवन यापन कर रहा था। महाराष्ट्र में मिनी लॉकडाउन के हालात पैदा हुए और पति कोरोना संक्रमित हो गया। उसे इलाज के लिए लोहा के कोविड सेंटर में भर्ती कराया गया, लेकिन 13 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। पति की मौत के बाद पत्नी पूरी तरह टूट गई। उसके सामने अपने तीन नाबलिग बच्चों के भरण—पोषण का दायित्व आ गया। परेशान हो उसने सनेगांव की एक झील में कूद कर आत्महत्या कर ली। मां को पानी में गिरते देख उसका तीन साल का मासूम बेटा भी झील में चल दिया और उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों की लाश बरामद कर ली है। परिवार में अब एक बेटा और बेटी हैं, जो अनाथ हो चुके हैं। इस घटना से सरकार पर सवाल खड़े होते हैं। घर का एकमात्र कमाने वाला सदस्य यदि मर जाता है तो उसके बेसहारा परिवार के गुजर—बसर के लिए तत्कालिक सहायता राशि क्यों नही दी जाती है।
हृदयविदारक : कोरोना से पति की मौत के पत्नी ने झील में कूद दे दी जान, तीन साल का मासूम भी मां के पीछे—पीछे कूद गया, दोनों की मौत ! अब अनाथ का जीवन जियेंगे जीवित बचे दो बच्चे
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