कुरनूल, आंध्र प्रदेश: हैदराबाद से सपनों की नगरी बेंगलुरु जा रहे यात्रियों के लिए शुक्रवार की सुबह एक भयानक त्रासदी लेकर आई। कुरनूल जिले के चिन्नाटेकुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर कावेरी ट्रैवल्स की एक लग्जरी बस में भीषण आग लगने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल हैं। यह हादसा इतना भयानक था कि गहरी नींद में सो रहे यात्रियों को बचने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते पूरी बस शोलों में बदल गई।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस मिनटों में जलकर राख हो गई, जिसमें 19 ज़िंदगीयां अंदर ही दम तोड़ गईं। बस से टकराने वाले बाइक सवार की भी मौके पर ही मौत हो गई।
कैसे हुई यह घटना ?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुरनूल शहर के बाहरी इलाके उलिंडकोंडा के पास यह दुर्घटना तब हुई जब हैदराबाद से आ रही बस की टक्कर एक दोपहिया वाहन से हो गई। टक्कर के बाद बाइक बस के नीचे फंस गई और ईंधन टैंक से टकरा गई, जिससे तुरंत आग भड़क उठी। आग की लपटों ने स्लीपर कोच को चंद पलों में अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार शिवशंकर की भी मौत हो गई।
खौफनाक मंज़र और जाम हुए दरवाजे
हादसे के वक्त ज़्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। अचानक लगी आग देखकर चीख-पुकार मच गई। यात्रियों ने किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन बस का मुख्य दरवाजा शॉर्ट सर्किट के कारण जाम हो गया। कुरनूल रेंज के डीआईजी कोया प्रवीण ने बताया कि बस में शीशे तोड़ने के लिए कोई सेफ्टी हैमर भी नहीं था। कुछ भाग्यशाली यात्री खिड़कियाँ तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन कई अंदर ही फँस गए। मृतकों में ज़्यादातर 25 से 35 वर्ष के थे।
हादसे के तुरंत बाद दोनों चालक मौके से फरार हो गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचीं और घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। घायलों को कुरनूल जनरल अस्पताल ले जाया गया है।
कैसे हुई यह विनाशकारी घटना?
| विवरण | तथ्य |
| बस रूट | हैदराबाद से बेंगलुरु |
| दुर्घटना स्थल | NH-44, चिन्नाटेकुर, कुरनूल |
| हादसे की वजह | बस की टक्कर दोपहिया वाहन से हुई। |
| आग लगने का कारण | टक्कर के बाद बाइक बस के नीचे घुस गई और सीधे ईंधन टैंक से टकराई, जिससे तुरंत भीषण आग भड़क उठी। |
| मृतकों की संख्या | 19 यात्री और बाइक सवार शिवशंकर समेत कुल 20 मौतें। |
| घायल | 21 यात्री (आपातकालीन द्वार तोड़कर निकले) |
पूरे राज्य में शोक की लहर
इस हृदय विदारक घटना से पूरे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शोक और चिंता का माहौल है। मृतकों के परिवार सदमे में हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जली हुई लाशों की पहचान डीएनए रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी।
यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की निजी बसों में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। महज 10 दिन पहले राजस्थान के जैसलमेर में भी एसी स्लीपर बस में आग लगने से 22 यात्रियों की मौत हो गई थी, जहां गेट लॉक हो जाने के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए थे।

