रोते हुए पति ने SSP को मिलाया फोन और फिर…
ध्यान से सुनिए अस्पताल की हरकत पर क्या बोले एसएसपी नैनीताल –
CNE REPORTER, हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड के हल्द्वानी से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ एक निजी अस्पताल ने इलाज का बकाया पैसा न चुका पाने के कारण महिला के शव को बंधक बना लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने तत्काल कड़ा संज्ञान लिया और पुलिस की दखल के बाद अस्पताल प्रबंधन को बिना अतिरिक्त भुगतान के शव परिजनों को सौंपना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
अल्मोड़ा के गोलना करड़िया निवासी नन्दन विरौड़िया ने अपनी पत्नी सीमा बिरौड़िया को गंभीर हालत में अल्मोड़ा बेस अस्पताल से रेफर करवाकर हल्द्वानी के चंदन अस्पताल में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान सीमा की मृत्यु हो गई। नन्दन विरौड़िया, जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं, उन्होंने पुलिस को बताया कि वे इलाज के लिए पहले ही 57 हजार रुपये जमा कर चुके थे।
इसके बावजूद, अस्पताल प्रबंधन ने 30 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग करते हुए मृतका का शव परिजनों को देने से इनकार कर दिया। परिजनों ने काफी मिन्नतें कीं ताकि वे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कर सकें, लेकिन अस्पताल अपनी जिद पर अड़ा रहा।
एसएसपी के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई
हताश होकर पीड़ित पति ने रात में ही एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. को फोन कर अपनी व्यथा सुनाई। एसएसपी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत सीओ सिटी हल्द्वानी अमित कुमार और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विजय मेहता को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पुलिस की सख्त हिदायत और शव की सुपुर्दगी
एसएसपी के आदेश मिलते ही पुलिस टीम तत्काल चंदन अस्पताल पहुँची। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रबंधन बैकफुट पर आया और बिना किसी देरी के मृतका का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। साथ ही, पुलिस ने मौके पर ही मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी करवाया। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में मानवता का ध्यान रखने और इस तरह की संवेदनहीनता न दोहराने की सख्त हिदायत दी है।

