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हल्द्वानी में ‘हॉरर हाउस’: बंद दरवाजे के पीछे दो भाइयों की रहस्यमयी मौत

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घर में पसरा था सन्नाटा, आंगन में मिली चौंकाने वाली चीज!

हल्द्वानी (मुखानी): देवभूमि के शांत कहे जाने वाले हल्द्वानी में एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मुखानी थाना क्षेत्र के बच्चीनगर (लामाचौड़) में एक ही घर से दो सगे भाइयों की लाशें मिलने से हड़कंप मच गया है।

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मौत का मंजर इतना खौफनाक था कि देखने वालों की रूह कांप गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मौके पर हैं, लेकिन सवाल अब भी वही है— क्या यह महज इत्तेफाक है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा?

मासूम की चीख और खुला मौत का राज

दिल दहला देने वाली इस घटना का खुलासा तब हुआ जब सुबह 11 साल की मासूम दिव्यांग बेटी ने देखा कि उसके पिता और चाचा काफी देर से कोई हलचल नहीं कर रहे हैं। उस मासूम को क्या पता था कि जिस पिता के सहारे वह जी रही थी, वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। बच्ची के शोर मचाने पर पड़ोसी पहुंचे, तो वहां का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

लाशों की स्थिति ने खड़े किए गहरे सवाल

पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो उसे जो मिला उसने जांच की दिशा को उलझा दिया है:

  • बड़ा भाई मनोज (42 वर्ष): इसका शव घर के भीतर संदिग्ध अवस्था में मिला।
  • छोटा भाई सोनू उर्फ सुनील (32 वर्ष): इसका शव घर के पिछले हिस्से में पड़ा हुआ था।

दो भाइयों की लाशें अलग-अलग जगहों पर मिलना इस मामले को और भी रहस्यमयी बना रहा है। आखिर उस रात उस घर में ऐसा क्या हुआ था कि दोनों भाइयों की जान चली गई?

शराब की खाली बोतलें और ‘3 लाख’ का मिस्ट्री कनेक्शन

घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को देशी शराब की खाली बोतलों से भरा एक कट्टा मिला है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाई शराब के अत्यधिक आदी थे। लेकिन चर्चा सिर्फ शराब की नहीं है; चर्चा उस 3 लाख रुपये की जमीन की भी है, जिसे हाल ही में इन भाइयों ने बेचा था। इलाके में सुगबुगाहट है कि क्या उन पैसों या जमीन के सौदे का इस मौत से कोई संबंध है?

बिखरा हुआ परिवार और ‘बीमार’ मां की खामोशी

इस घर की कहानी किसी दुखद फिल्म से कम नहीं है। घर में एक मां है जो दिमागी रूप से बीमार है और कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। मृतक मनोज की पत्नी शराब की लत से तंग आकर 4 साल पहले अपने दो बेटों को लेकर घर छोड़ चुकी थी। पीछे रह गई थी तो बस एक 11 साल की दिव्यांग बेटी, जिसने आज सुबह अपनी आंखों से यह मंजर देखा।

हल्द्वानी में 'हॉरर हाउस': बंद दरवाजे के पीछे दो भाइयों की रहस्यमयी मौत

पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रडार पर ‘साक्ष्य’

सीओ सिटी अमित सैनी और मुखानी थाना पुलिस ने मौके का मुआयना किया है।

“शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक टीम फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगी।” — अमित सैनी, सीओ सिटी

क्या यह ‘स्लो पॉइजन’ है या कुछ और?

पूरे बच्चीनगर क्षेत्र में डर का माहौल है। लोग दबी जुबान में पूछ रहे हैं— क्या यह शराब का जहर था? क्या भाइयों के बीच कोई विवाद हुआ? या फिर किसी तीसरे ने इस लाचार परिवार की स्थिति का फायदा उठाया?

फिलहाल, पुलिस हर एंगल (संपत्ति विवाद, आपसी रंजिश और नशे की ओवरडोज) से मामले की तफ्तीश कर रही है। हल्द्वानी के इस ‘मिस्टीरियस डेथ केस’ पर पूरे शहर की नजरें टिकी हुई हैं।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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