सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल। हाईकोर्ट ने बागेश्वर नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी (EO) के प्रभार (चार्ज) से जुड़े एक गंभीर विवाद में पालिकाध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला पालिकाध्यक्ष द्वारा कोर्ट के पूर्व आदेशों का कथित रूप से उल्लंघन कर एक अन्य कर्मचारी को प्रभारी EO नियुक्त करने से संबंधित है।
क्या है पूरा मामला?
नगर पालिका बागेश्वर में कार्यरत कर निरीक्षक हयात सिंह परिहार ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि—
- 17 सितंबर 2025 को शासन ने उन्हें प्रभारी EO नियुक्त किया था।
- 18 सितंबर को उन्होंने विधिवत रूप से चार्ज ग्रहण भी कर लिया था।
- लेकिन तीन सप्ताह तक वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए।
- 9 अक्टूबर को उन्हें हटाकर नया प्रभारी EO नियुक्त कर दिया गया और उन्हें हल्द्वानी नगर निगम स्थानांतरित कर दिया गया।
हाईकोर्ट ने उनके स्थानांतरण पर रोक लगा दी थी। बाद में शासन ने 14 अक्टूबर को नया EO आदेश और ट्रांसफर दोनों निरस्त कर कोर्ट को अवगत कराया था कि नियमित EO की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
इसके बावजूद, 17 अक्टूबर को पालिकाध्यक्ष ने बैठक कर प्रधान सहायक विजय सिंह कनवासी को प्रभारी EO बना दिया। याची ने इसे फिर हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिस पर 31 अक्टूबर को कोर्ट ने नियुक्ति पर रोक लगा दी।
याची का आरोप है कि इसके बावजूद भी उन्हें कार्यभार नहीं लेने दिया गया, जिससे उन्होंने पालिकाध्यक्ष और प्रधान सहायक पर अवमानना याचिका दायर की। अब कोर्ट ने इसका नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
🔹 अब आगे क्या?
हाईकोर्ट ने पालिकाध्यक्ष से पूछा है कि अदालत के आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया। मामले की अगली सुनवाई जल्द निर्धारित हो सकती है। इस बीच EO चार्ज विवाद ने बागेश्वर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

