भावुक कर देने वाले पलों में अंतिम विदाई
पीएम मोदी बोले- भारतीय सिनेमा ने अपना ‘सूर्य’ खो दिया
अलविदा धर्मेंद्र: 89 वर्ष की उम्र में 'ही-मैन' का निधन। पढ़ें भारतीय सिनेमा के इस दिग्गज अभिनेता की भावुक अंतिम विदाई, PM मोदी की श्रद्धांजलि और उनके 6 दशक के बेमिसाल करियर की कहानी।
मुंबई। भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ और करोड़ों दिलों पर राज करने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का सोमवार दोपहर उनके मुंबई स्थित आवास पर निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई। सांस संबंधी गंभीर समस्याओं और बढ़ती उम्र से जुड़ी कई बीमारियों से जूझ रहे धर्मेंद्र ने अपनी अंतिम सांस ली, जिससे बॉलीवुड के एक गौरवशाली युग का अंत हो गया।

कैसे बीता सोमवार का वह दर्दनाक दिन? – 5 बड़ी बातें
- दोपहर करीब 1 बजे धर्मेंद्र के घर के बाहर एम्बुलेंस पहुंची।
- इलाके में सिक्योरिटी बढ़ाई गई, बैरिकेडिंग की गई।
- 1:10 बजे IANS ने उनके निधन की खबर जारी की।
- विले पार्ले श्मशान में सुरक्षा कड़ी की गई और एक—एक करके सितारे वहां पहुंचने लगे।
- करीब 3 बजे धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार हुआ।
भावुक विदाई: सितारों की आँखें नम
धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार विले पार्ले श्मशान भूमि में किया गया। इस दौरान वातावरण अत्यंत गमगीन था। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए फिल्म जगत की कई दिग्गज हस्तियां पहुँचीं।

- बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, भाईजान सलमान खान, संजय दत्त और आमिर खान समेत कई बड़े सेलेब्स ने नम आँखों से अपने प्रिय साथी और मार्गदर्शक को विदाई दी।
- श्मशान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी, जहाँ दोपहर करीब 3 बजे के आसपास अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं।
घर से श्मशान भूमि तक…
सोमवार दोपहर करीब 1 बजे धर्मेंद्र के घर के बाहर एम्बुलेंस पहुँची, जिसके बाद घर के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई और सुरक्षा बढ़ा दी गई। 1 बजकर 10 मिनट पर उनके निधन की आधिकारिक जानकारी सामने आई। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर एम्बुलेंस द्वारा विले पार्ले श्मशान घाट पहुँचाया गया।
‘एक युग का अंत’: प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा में एक युग के अंत का संकेत है। उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और अद्भुत स्क्रीन प्रेजेंस से दशकों तक दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। भारतीय सिनेमा ने आज अपना एक ‘सूर्य’ खो दिया है। यह क्षति अपूरणीय है।”
स्वास्थ्य संघर्ष: बढ़ती उम्र बनी चुनौती
धर्मेंद्र लंबे समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, जिनमें सबसे बड़ी परेशानी सांस लेने में तकलीफ थी।
- उन्हें 10 नवंबर को सांस लेने में दिक्कत के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्हें कुछ समय के लिए वेंटिलेटर सपोर्ट पर भी रखा गया था।
- इस दौरान उनके निधन की अफवाहें भी उड़ी थीं, जिन्हें परिवार ने मजबूती से नकारा था।
- डॉक्टरों ने स्थिति स्थिर होने पर 12 नवंबर को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया था और घर पर ही इलाज जारी रखने की सलाह दी थी।
- हालांकि, 89 वर्ष की उम्र में शरीर की प्राकृतिक क्षमताएं कम होने और मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण उनके लिए रिकवर करना कठिन हो गया था। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, 80 वर्ष की आयु के बाद छोटी बीमारी भी बड़ी जटिलता में बदल सकती है।
धर्मेंद्र ने अपनी 6 दशक से अधिक लंबी करियर यात्रा में सैकड़ों फिल्मों में काम किया और अपनी दमदार अदाकारी तथा सहज मुस्कान से करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है। उनकी यादें हमेशा भारतीय सिनेमा में सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेंगी।
गौरवशाली सफर: रोमांस, एक्शन और कॉमेडी का महानायक!
बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र का फ़िल्मी करियर छह दशकों से भी अधिक समय तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। उनका व्यक्तित्व, जिसमें एक कठोर एक्शन हीरो की छवि, एक संवेदनशील प्रेमी का आकर्षण और एक सहज हास्य कलाकार की टाइमिंग शामिल थी, उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे बहुमुखी और प्यारे सितारों में से एक बनाती है।
करियर की शुरुआत और ‘ही-मैन’ बनने तक का सफर
🎞️ धर्मेंद्र की कुछ अत्यंत यादगार फिल्में और विविध किरदार
| फिल्म का नाम | वर्ष | जॉनर |
| शोले (Sholay) | 1975 | एक्शन-एडवेंचर |
| चुपके चुपके (Chupke Chupke) | 1975 | कॉमेडी |
| सत्यकाम (Satyakam) | 1969 | इमोशनल ड्रामा |
| सीता और गीता (Seeta Aur Geeta) | 1972 | कॉमेडी-ड्रामा |
| धरम वीर (Dharam Veer) | 1977 | एक्शन-एडवेंचर |
| यादों की बारात (Yaadon Ki Baaraat) | 1973 | मसाला ड्रामा |
| अनुपमा (Anupama) | 1966 | रोमांटिक ड्रामा |
| मेरा गाँव मेरा देश (Mera Gaon Mera Desh) | 1971 | ग्रामीण एक्शन |
💫 हालिया उपस्थिति
अपने बढ़ते उम्र के बावजूद, धर्मेंद्र फिल्मों में सक्रिय रहे।
- लाइफ इन ए… मेट्रो (Life in a… Metro) (2007) और रॉकी और रानी की प्रेम कहानी (Rocky Aur Rani Kii Prem Kahaani) (2023) में उनकी सहायक भूमिकाओं को दर्शकों और आलोचकों ने खूब सराहा, जिससे साबित हुआ कि उनका आकर्षण आज भी कायम है।
- उनकी आखिरी फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ (2024) थी, और उनकी एक आगामी फिल्म ‘इक्कीस’ का विमोचन होना बाकी है।
धर्मेंद्र केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि भारतीय सिनेमा के सांस्कृतिक प्रतीक थे, जिनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें ‘ही-मैन’, एक प्यारे प्रेमी और एक बेहतरीन कॉमिक कलाकार के रूप में अमर कर दिया।
धर्मेंद्र का निजी जीवन और सम्मान: परिवार और पुरस्कार
निजी जीवन भी उनके फिल्मी करियर जितना ही दिलचस्प और चर्चा में रहा है। भारतीय सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें कई महत्वपूर्ण सम्मानों से नवाजा गया है।
निजी जीवन और परिवार
धर्मेंद्र ने दो बार विवाह किया।
1. पहली शादी: प्रकाश कौर (Prakash Kaur)
- धर्मेंद्र ने अपनी पहली शादी प्रकाश कौर से 1954 में, फिल्मों में आने से पहले, की थी।
- इस शादी से उन्हें चार बच्चे हुए:
- बेटे: सनी देओल और बॉबी देओल (दोनों ही सफल अभिनेता हैं)।
- बेटियां: विजेता देओल और अजेता देओल।
2. दूसरी शादी: हेमा मालिनी (Hema Malini)
- बॉलीवुड में काम करने के दौरान, धर्मेंद्र को अभिनेत्री हेमा मालिनी से प्यार हो गया, जिन्हें ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से जाना जाता है।
- धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने 1980 में विवाह किया। इस विवाह के समय धर्मेंद्र ने अपना धर्म परिवर्तन (इस्लाम कबूल करना) किया, क्योंकि उनकी पहली पत्नी उन्हें तलाक देने के लिए तैयार नहीं थीं।
- इस शादी से उन्हें दो बेटियां हुईं:
- ईशा देओल (अभिनेत्री)।
- अहाना देओल।
राजनीतिक करियर: अभिनय के साथ-साथ, धर्मेंद्र ने राजनीति में भी कदम रखा। वह 2004 से 2009 तक राजस्थान के बीकानेर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर लोकसभा सदस्य (सांसद) रहे।
🏆 पुरस्कार और सम्मान
धर्मेंद्र को उनके शानदार फिल्मी करियर के लिए कई पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया है।
नागरिक सम्मान
- पद्म भूषण (Padma Bhushan): भारत सरकार ने उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 2012 में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया।
फिल्मफेयर पुरस्कार (Filmfare Awards)
- लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार (Lifetime Achievement Award): उन्हें 1997 में फिल्मफेयर द्वारा हिंदी सिनेमा में उनके समग्र योगदान के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- नामांकन: उन्होंने अपनी सर्वश्रेष्ठ अभिनय भूमिकाओं के लिए कई बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता श्रेणी में फिल्मफेयर नामांकन प्राप्त किया, जिसमें उनकी समीक्षकों द्वारा प्रशंसित फिल्म ‘सत्यकाम‘ (1969) भी शामिल है।
🏅 अन्य पुरस्कार
- उन्हें विभिन्न अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों और भारतीय फिल्म अकादमियों द्वारा भी कई पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है, जो हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक आइकन के रूप में उनकी स्थिति को दर्शाते हैं।
- उनका नाम भारतीय सिनेमा के उन गिने-चुने अभिनेताओं में शामिल है, जिन्होंने कला और वाणिज्य (Art and Commerce) दोनों में सफलता हासिल की।
धर्मेंद्र ने अपने निजी और व्यावसायिक जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन वह हमेशा अपने प्रशंसकों के लिए ‘ही-मैन’ बने रहे।

