नैनीताल: (सीएनई रिपोर्टर) – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) नैनीताल और रोटरी क्लब नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय इंटर कॉलेज रातीघाट में एक विशाल स्वास्थ्य शिविर और विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और कानूनी साक्षरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति आलोक मेहरा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई, जिसने सांस्कृतिक माहौल को जीवंत कर दिया।
न्यायमूर्ति आलोक मेहरा ने ग्रामीण क्षेत्रों में ‘नशा मुक्त’ और ‘मुकदमा मुक्त’ समाज बनाने की दिशा में किए जा रहे सामुदायिक प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने इन प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले 18 ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया।
डोबा में विधिक सहायता केंद्र का शुभारंभ और शहीद परिवार का सम्मान
कानूनी सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के लिए, डोबा में ग्राम पंचायत विधिक सहायता केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। इसके अतिरिक्त, न्यायमूर्ति मेहरा ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद संजय बिष्ट के परिवार को भी सम्मानित कर राष्ट्र सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
300 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और स्ट्रेचर वितरण
स्वास्थ्य शिविर में 300 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बीडी पांडे हॉस्पिटल नैनीताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. दुग्ताल की अध्यक्षता में विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और सभी को निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं। इस मानवीय पहल के तहत, 8 दिव्यांगजनों को निःशुल्क स्ट्रेचर भी प्रदान किए गए, जिससे उनकी गतिशीलता में सुधार आएगा।
विद्यालय समिति ने रखी तीन सूत्रीय मांगें
इस महत्वपूर्ण अवसर पर, विद्यालय समिति की ओर से मुख्य अतिथि के समक्ष एक तीन सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया गया। इन मांगों में प्रमुख रूप से:
- विद्यालय में स्टाफ की कमी को तत्काल दूर करना।
- क्षतिग्रस्त भवन का पुनर्निर्माण कराना।
- आधुनिक शौचालय का निर्माण कराना।
इस दौरान शैलेंद्र शाह, प्रधानाचार्य सोमपाल सिंह, किशोर ढैला, भगवत सिंह रावत, दिनेश सिंह रावत, पुष्कर करायत, और चंद्र प्रकाश सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

