रानीखेत महाविद्यालय में हरेला पर विशेष कार्यक्रम
सीएनई रिपोर्टर, रानीखेत। राजकीय महाविद्यालय रानीखेत की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा “हरेला का त्यौहार मनाओ, धरती मां का ऋण चुकाओ” एवं “एक पेड़ मां के नाम” थीम के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडेय ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि हरेला केवल एक सांस्कृतिक पर्व नहीं, बल्कि मानवीय चेतना और प्राकृतिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष जुलाई माह में मनाए जाने वाले हरेला पर्व के उपलक्ष्य में हरेला पर्व पर बुधवार को महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता उत्पन्न करना तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण को प्रोत्साहित करना रहा।
प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडेय ने छात्र—छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक जागरूक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व है कि वे सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अग्रणी भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में एनएसएस एवं एनसीसी के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की और वृक्षारोपण के साथ-साथ स्वच्छता का संदेश भी दिया।
विशेष रूप से इस कार्यक्रम में समाजशास्त्र विभाग की शोध छात्राएं दीपा आर्य, आंचल जैन एवं मीना अधिकारी ने नेतृत्वकारी भूमिका निभाते हुए महाविद्यालय परिसर में बहुविध पौधों का रोपण किया। उनके साथ डॉ. सत्यमित्र सिंह, डॉ. शंकर, डॉ. मेहराज मेहरा, डॉ. कमल, डॉ. नीमा बोरा, डॉ. रेखा भट्ट, डॉ. बबिता काण्डपाल सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम समापन पर विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य की शपथ दिलाई गई।

