हल्द्वानी (सीएनई): देवभूमि के शांत कहे जाने वाले मुखानी क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 16 वर्षीय किशोरी के साथ उसके पड़ोसी द्वारा दुष्कर्म किए जाने और उसके गर्भवती होने की पुष्टि के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है, लेकिन इस घटना ने सामाजिक सुरक्षा और पड़ोसियों पर भरोसे जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की तबीयत पिछले कुछ दिनों से लगातार बिगड़ रही थी। शुरूआती तौर पर परिजन इसे सामान्य शारीरिक कमजोरी मान रहे थे, किंतु स्वास्थ्य में सुधार न होने पर चार दिन पूर्व वे उसे अस्पताल ले गए। जब चिकित्सकों ने किशोरी की गहन जाँच की, तो रिपोर्ट ने परिजनों के पैरों तले ज़मीन खिसका दी। किशोरी दो माह की गर्भवती पाई गई।
परिजनों के दबाव और विश्वास में लेने के बाद, डरी-सहमी किशोरी ने आपबीती सुनाई और बताया कि कैसे पड़ोसी युवक ने उसकी मासूमियत का फायदा उठाकर उसके साथ दरिंदगी की।
पीड़ित पक्ष द्वारा मुखानी थाने में तहरीर दिए जाते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पड़ोसी को हिरासत में लिया। संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
परिजनों की गुहार: गर्भपात की अनुमति की मांग
किशोरी के भविष्य और उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने न्यायालय से गर्भपात (Abortion) की अनुमति मांगी है। इस कानूनी प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण देते हुए SP City मनोज कुमार कत्याल ने बताया:
“भारतीय न्याय संहिता (BNS) के नए प्रावधानों के अंतर्गत, यदि गर्भ की अवधि तीन माह से कम है, तो गर्भपात के लिए न्यायालय में अर्जी दी जा सकती है। हम इस दिशा में परिजनों की पूरी कानूनी सहायता कर रहे हैं।”
वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जोर: DNA जांच की तैयारी
मामले को कानूनी रूप से सुदृढ़ बनाने और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है। एसपी सिटी ने जानकारी दी कि:
- पुलिस जल्द ही DNA जांच के लिए न्यायालय में आवेदन करेगी।
- पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को साक्ष्य के तौर पर संकलित किया गया है।
- घटना के हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश की जा रही है ताकि पीड़िता को पूर्ण न्याय मिल सके।
यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और उनके व्यवहार में आने वाले परिवर्तनों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी देती है। फिलहाल, पूरा क्षेत्र इस घटना की निंदा कर रहा है और प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहा है।


