बागेश्वर न्यूज : जीएसटी — सैकड़ों संशोधन, हजारों दुश्वारियां, गुस्साए व्यापारियों ने पुतला फूंका, धरना प्रदर्शन और वित्तमंत्री को भेजा ज्ञापन
बागेश्वर। जीएसटी नियमावली में व्यापक संशोधन से बागेश्वर के व्यापारियों ने रोष जताया है। जिले के व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जनपद में नारेबाज़ी के साथ पुतला दहन कर के साथ राज्य कर कार्यालय ने सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। तत्पश्चात व्यापार मंडल संघ ने असिस्टेंट कमिश्नर राज्य कर कुशल सिंह रौतेला के माध्यम से देश के वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजकर लगातर संशोधन से व्यापारियों को हो रही परेशानी से निजात दिलाने की मांग की है। और व्यापारियों ने संकट के दौर में व्यापारियों की परेशानी का संज्ञान लेने और जीएसटी को सरल बनाने की मांग की।
व्यापारी संघ ने का कहना है कि GST लागू करने से अभी तक जीएसटी नियमों में सैकड़ों संशोधन किए जा चुके हैं। इनमें अधिकारियों को असीमित अधिकार दिए गए हैं। अब कोई भी अधिकारी कोई भी कारण लेकर किसी भी व्यापारी का GST रजिस्ट्रेशन नंबर सस्पेंड या कैंसिल कर सकता है। इसके अलावा बैंक खाता और संपत्ति भी जब्त कर सकता है। खास बात यह है कि ऐसा करने से पहले व्यापारी को कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा। यह व्यापारियों के मौलिक अधिकारों का हनन है।
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मनोज अरोरा प्रदेश उपाध्यक्ष के नेतृत्व में व्यापारी राज्य कर अधिकारी से मिले। प्रांतीय व्यापार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज अरोरा ने कहा कि जीएसटी में व्यापक तौर पर संशोधन किए जा रहे हैं। इसके कारण व्यापार कर पाना संभव नहीं रह गया है। व्यापारियों ने 50 लाख तक की बिक्री करने पर व्यापारियों को आउटपुट टैक्स का एक प्रतिशत ही जमा करने, कर की दर शून्य, पांच और 18 प्रतिशत करने, रिवाइज्ड रिटर्न का प्रावधान करने, जीएसटी में सजा का प्रावधान समाप्त करने, कॉमन सर्विसेज पर दी गई जीएसटी का इनपुट देने, सीमित क्षेत्र में बिकने वाले ब्रांड को शून्य जीएसटी की श्रेणी में रखने, जीएसटी रिटर्न फाइल करते समय अंतर्राज्यीय बिक्री की जानकारी न मांगे जाने, अग्रिम प्राप्त रकम पर जीएसटी जमा कराने का प्रावधान समाप्त करने की मांग की है। इस प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान व्यापर संघ के ज़िला अध्यक्ष बलवंत नेगी, ज़िला उपाध्यक्ष सुनील दोसाद, महामंत्री अनिल कार्की ,मनीष जखवाल सहित सभी विकास खंड के पदाधिकारी मौजूद रहे।