सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जनपद के अंतर्गत हवालबाग ब्लॉक के विमौला स्थित ऐतिहासिक तुंगेश्वर महादेव एवं तुंगेश्वरी देवी मंदिर में शुक्रवार, 6 फरवरी से आध्यात्मिक उत्सव का शुभारंभ हो गया है। कौशकी (कोसी) नदी के पावन तट पर बसे इस प्राचीन देवालय में भव्य कलश यात्रा के साथ शिव महापुराण कथा का विधिवत श्रीगणेश किया गया।
कार्यक्रम के प्रथम दिन आयोजित कलश यात्रा में क्षेत्रीय महिलाओं और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने कोसी नदी से पवित्र जल भरकर मंदिर परिसर तक यात्रा निकाली, जिससे पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

प्रख्यात संतों का सानिध्य
मंदिर के महंत महामंडलेश्वर भगत जी महाराज ने बताया कि इस धार्मिक अनुष्ठान में देश के विभिन्न कोनों से प्रतिष्ठित संतों का आगमन हुआ है। कथा के मुख्य वक्ता मध्य प्रदेश से पधारे कथा व्यास महामंडलेश्वर कृष्ण दास महाराज हैं।
कलश यात्रा के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित विभूतियाँ उपस्थित रहीं:
- महामंडलेश्वर दीपकेश्वरानंद महाराज (रुद्राक्ष तपोवन, लखनऊ)
- महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज (प्रधान पुजारी, जागेश्वर धाम)
- आचार्य नवीन पंत, बिनोद जोशी, हर्ष भट्ट और अमित भट्ट।
16 फरवरी को होगा विशाल भंडारा
महंत जी के अनुसार, यह आध्यात्मिक आयोजन 16 फरवरी तक चलेगा। समापन के अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे:
- हवन एवं पूर्णाहुति: शास्त्रों के अनुसार यज्ञ की पूर्णता।
- कन्या पूजन: शक्ति स्वरूपा कन्याओं का पूजन एवं आशीर्वाद।
- विशाल भंडारा: कथा के अंतिम दिन महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।
क्षेत्रीय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
इस आयोजन में प्रदीप तिवारी, बलवंत सिंह चौहान, पान सिंह बिष्ट सहित सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों और दूर-दराज से आए भक्तों ने शिरकत की। कौशकी नदी के तट पर स्थित होने के कारण इस मंदिर की विशेष धार्मिक महत्ता है, और शिव महापुराण कथा के आयोजन से क्षेत्र में हर्षोल्लास का वातावरण है।

