डायलिसिस फिल्टर और जांच निःशुल्क करने पर जोर
सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। उत्तराखंड के राज्य पेंशनर्स एवं पारिवारिक पेंशनर्स ने स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर शासन के सामने आठ सूत्रीय मांगें रखी हैं। पेंशनर्स संगठनों ने कहा है कि गोल्डन कार्ड योजना के तहत आने वाली दिक्कतों को दूर कर इन मांगों को तत्काल लागू करने से वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क, पारदर्शी और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। यह कदम उनके बुढ़ापे का बड़ा सहारा बनेगा और योजना को और प्रभावी बनाएगा।
प्रमुख माँगें और समस्याएँ
पेंशनर्स ने विशेष रूप से गोल्डन कार्ड योजना के तहत आने वाली दिक्कतों को उजागर किया है। उनकी प्रमुख माँगे और चिंताएँ निम्नलिखित हैं:
- निःशुल्क जांच और परीक्षण: सूचीबद्ध निजी और सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच, परीक्षण एवं डायग्नोस्टिक सेवाएं सीजीएचएस (CGHS) दरों पर पूरी तरह निःशुल्क की जाएं।
- डायलिसिस फिल्टर की उपलब्धता: डायलिसिस के मरीजों के लिए छोटे, मीडियम और हाई-फ्लैक्स डायलाइज़र, यानी तीनों प्रकार के फिल्टर निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएं।
- भुगतान प्रक्रिया का सरलीकरण: वर्तमान में पेंशनर्स को प्रतिपूर्ति बिल भुगतान के लिए सेवानिवृत्ति कार्यालय (रिटायरमेंट ऑफिस) भेजना पड़ता है, जिससे भुगतान में अनावश्यक विलंब होता है। इस समस्या को हल करने के लिए, प्रत्येक जिला, विकासखंड या तहसील स्तर पर प्रतिपूर्ति बीजक जमा और भुगतान की सुविधा देने की मांग की गई है।
- योजना में पुनः शामिल होने का मौका: जो पेंशनर्स किन्हीं कारणों से गोल्डन कार्ड योजना से बाहर हो चुके हैं, उन्हें पुनः शामिल होने का एक अवसर दिया जाए।
- हस्ताक्षर की सुविधा बहाल: ऑनलाइन सत्यापन के साथ-साथ मैनुअल हस्ताक्षर (Manual Signature) की सुविधा भी बहाल की जाए।
- उपचार बिल की प्रति अनिवार्य: कैशलेस उपचार के बाद अस्पताल मरीज को बिल की एक प्रति (Copy of Bill) अनिवार्य रूप से प्रदान करें, जिससे उन्हें उपचार व्यय और बीमारी की पूरी जानकारी मिल सके।
पेंशनर्स संगठनों ने जोर देकर कहा है कि स्वास्थ्य सुविधाएँ वरिष्ठ नागरिकों का अधिकार हैं, और इन मांगों को मानकर सरकार को गोल्डन कार्ड योजना को और अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाना चाहिए। इस मौके पर बाली राम चौहान, बची सिंह, मेनपाल सिंह, हेम चंद जोशी, प्रताप सिंह गाड़िया, मोहन चंद कांडपाल, गिरीश चंद्र जोशी, शेर सिंह धपोला, नंदन सिंह अलमिया, बीसी जोशी, स्वाती सिंह, आदि पेंशनर्स मौजूद थे।

