उत्तराखंड में देहरादून-टिहरी-श्रीनगर-गौचर हेली सेवा शुरू। हवाई कनेक्टिविटी से पर्यटन, चिकित्सा और आपदा प्रबंधन को मिलेगी गति। जानें किराया, उड़ान का समय और टिकट बुकिंग की जानकारी।
देहरादून, (सीएनई रिपोर्ट): उत्तराखंड के सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों को राज्य की राजधानी से जोड़ने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। देहरादून-टिहरी-श्रीनगर-गौचर के बीच हेली सेवा (Helicopter Service) का औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया है, जिससे अब न सिर्फ यात्रा का समय कई गुना कम हो जाएगा, बल्कि पर्यटन, चिकित्सा (Emergency Medical Services), व्यापार और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी तीव्र गति से कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।
पहाड़ों को राहत, सफर होगा आसान
हेली सेवा के शुरू होने से पहाड़ी जिलों के निवासियों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी, जिनके लिए सड़क मार्ग अक्सर लंबा, दुर्गम और समय साध्य होता है। आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को बड़े अस्पतालों तक पहुँचाना अब तेज और सुविधाजनक हो जाएगा। यह पहल राज्य में हवाई कनेक्टिविटी (Air Connectivity) को सुदृढ़ करने के मुख्यमंत्री के विज़न का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पहली उड़ान सफल: हेरिटेज एविएशन ने भरी उड़ान
6 दिसंबर को सुबह करीब 10 बजे, देहरादून एयरपोर्ट (Dehradun Airport) से हेरिटेज एविएशन (Heritage Aviation) द्वारा संचालित पहली हेली ने टिहरी झील क्षेत्र और श्रीनगर के ऊपर से होते हुए गौचर हेलीपैड पर सफल लैंडिंग की। मौसम बिल्कुल साफ और यात्रा सुगम रही। इस पहली उड़ान में 4 यात्री सवार थे, जिन्होंने नई सुविधा को लेकर गहरा संतोष व्यक्त किया। वापसी में भी गौचर से 4 यात्रियों को लेकर हेली ने देहरादून के लिए उड़ान भरी।
नियमित संचालन और किफायती किराया
सेवा का संचालन कर रही हेरिटेज एविएशन कंपनी ने इस रूट पर नियमित रूप से दिन में दो बार उड़ान भरने की जानकारी दी है।
- पहली उड़ान: सुबह लगभग 10:00 बजे देहरादून से।
- दूसरी उड़ान: दोपहर 2:30 बजे देहरादून से।
कंपनी के जनरल मैनेजर मनीष भंडारी और असिस्टेंट मैनेजर ऑपरेशन अभिलाष पटवाल ने बताया कि:
- श्रीनगर से टिहरी और गौचर के लिए किराया मात्र ₹1000 होगा।
- श्रीनगर से देहरादून के लिए किराया ₹3000 प्लस जीएसटी होगा।
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि यात्रियों की संख्या कम होने पर भी हेली नियमित रूप से उड़ान भरेगी, जिससे आम जनता का विश्वास इस विश्वसनीय सेवा पर बना रहे।
स्थानीय लोगों में उत्साह
स्थानीय निवासियों ने इस पहल का जोरदार स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह सेवा यात्रा के समय में भारी कमी लाएगी और उत्तराखंड के पर्यटन को नई गति प्रदान करेगी, विशेष रूप से चारधाम यात्रा और साहसिक पर्यटन के लिए।

