वन विभाग की ‘लापरवाही’ से ग्रामीणों में आक्रोश
बागेश्वर में मुख्यमंत्री के दौरे के बीच जिलाधिकारी कार्यालय के पास ओलखसों और खबडोली का जंगल दो दिनों तक जलता रहा। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया। जानें डीएफओ का क्या है बयान ?
CNE REPORTER, बागेश्वर। एक ओर जहां बागेश्वर जिले में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा रहा, वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी कार्यालय के पास ही स्थित आरफसी गोदाम के समीप, ओलखसों और खबडोली का जंगल पिछले दो दिनों से धू-धू कर जलता रहा।
स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार सूचना देने के बावजूद विभाग की ओर से आग बुझाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे वन संपदा और वन्यजीवों के लिए खतरा बढ़ गया है।
लापरवाह वन विभाग: सीएम आगमन की गहमागहमी में जलता रहा जंगल
स्थानीय निवासियों के अनुसार, आग पिछले दो दिनों से लगातार सुलग रही है। यह आग जिलाधिकारी कार्यालय के पास ही स्थित आरफसी गोदाम के निकट जंगल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी है।
- ग्रामीणों का आरोप: क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने वन विभाग को आग लगने की सूचना दी, लेकिन विभाग ने मौके पर कोई टीम नहीं भेजी।
- आक्रोश की वजह: उनकी चिंता है कि अगर जाड़ों में यह स्थिति है, तो 15 फरवरी से शुरू होने वाले फायर सीजन (वनाग्नि काल) में हालात बेकाबू हो सकते हैं, जिससे वन्यजीवों, जैव विविधता और बहुमूल्य जड़ी-बूटियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
- सहयोग की पेशकश: ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि विभाग टीम भेजता है, तो वे स्वयं भी आग बुझाने में सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
प्रकृति प्रेमी बबूल जोशी ने चेतावनी दी है कि अराजक तत्वों पर तुरंत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, नहीं तो आने वाले समय में जिले की वन संपदा को भारी नुकसान होगा।
डीएफओ का आश्वासन: होगी कठोर कार्रवाई
इस मामले पर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) आदित्य रत्न ने कहा कि विभागीय टीम को आग बुझाने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं और कर्मचारी जंगल में लगातार गश्त कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

