HomeUttarakhandBageshwarधमाकेदार एंट्री! बागेश्वर के 'टाइगरों' ने राष्ट्रीय ताइक्वांडो में रचा इतिहास

धमाकेदार एंट्री! बागेश्वर के ‘टाइगरों’ ने राष्ट्रीय ताइक्वांडो में रचा इतिहास

झटके 11 पदक; 4 स्वर्ण से देश में बजा डंका!

CNE REPORTER – बागेश्वर, उत्तराखंड। सीमित संसाधनों के बावजूद, पहाड़ी जिले बागेश्वर के जाबांज़ ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पंजाब के जालंधर में आयोजित राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में इन खिलाड़ियों ने अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 11 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 4 स्वर्ण, 1 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल हैं। इस स्वर्णिम सफलता ने देश के 30 राज्यों के 700 से अधिक प्रतिभागियों के बीच बागेश्वर को एक नई पहचान दी है!


21 से 23 नवंबर तक जालंधर (पंजाब) में चली इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में, बागेश्वर के प्रशिक्षुओं ने अपनी मेहनत और जुनून से शानदार प्रदर्शन किया। जहां एक ओर देश के विभिन्न कोनों से 700 से अधिक खिलाड़ी आए थे, वहीं बागेश्वर के छोटे से दल ने कुल 11 मेडल जीतकर सबको हैरान कर दिया।

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यह उपलब्धि इसलिए भी ख़ास है क्योंकि जिले के खिलाड़ियों ने बेहद सीमित संसाधनों में प्रशिक्षण लिया है, लेकिन उनका हौसला हिमालय जितना अटल रहा। यह प्रदर्शन दिखाता है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।

कोच गोकुल खेतवाल की देखरेख में सफलता

इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय टीम के साथ कोच के रूप में गए गोकुल खेतवाल को भी जाता है, जिन्होंने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की चुनौती के लिए तैयार किया। उनके साथ अन्य सहयोगी के रूप में हर्षिका तिवारी और बबलू खेतवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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खेल जगत में खुशी की लहर

ताइक्वांडो खिलाड़ियों के इस स्वर्णिम प्रदर्शन पर पूरे जिले में खुशी की लहर है। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने बागेश्वर के इन ‘टाइगरों’ को बधाई दी है। द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कमलेश तिवारी, जिला संघ के सचिव दरवान सिंह परिहार, अनिल कार्की, खेल अधिकारी गुंजन बाला, युवा कल्याण अधिकारी अर्जुन रावत समेत किरन नेगी, आशीष धपोला, मनीष गडिया, ललित नेगी और दीपक जोशी ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है।

यह शानदार प्रदर्शन न केवल खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि यदि स्थानीय प्रतिभाओं को सही मंच और सहयोग मिले, तो वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़े कमाल कर सकते हैं।

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