सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। बागेश्वर में आयोजित स्काउट-गाइड शिविर के तीसरे दिन प्रतिभागियों ने हाइकिंग, टेंट निर्माण और गैजेट निर्माण जैसी रोमांचक और व्यावहारिक गतिविधियों में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, अनुशासन और टीम भावना को विकसित करना है।

दिन की शुरुआत बी.पी 6 व्यायाम से हुई, जिसने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य, अनुशासन और टीमवर्क का महत्व समझाया। इसके बाद, प्रशिक्षकों ने ध्वज शिष्टाचार का विस्तृत प्रशिक्षण दिया, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज के सही उपयोग और सम्मान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
शिविर के सबसे प्रमुख भाग में, स्काउट-गाइड दलों को हाइकिंग के लिए प्राकृतिक परिवेश में ले जाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मार्गदर्शन, दिशा-ज्ञान और सामूहिकता का अभ्यास किया। हाइक से लौटने के बाद, टीमों ने तुरंत टेंट निर्माण और गैजेट निर्माण जैसे व्यावहारिक कार्यों को पूरा किया, जिसमें उन्होंने रस्सों और डंडों का उपयोग कर उपयोगी कैंप-गैजेट तैयार किए।
नेतृत्व और चरित्र निर्माण पर ज़ोर
हाइकिंग के अनुभवों को दर्ज करते हुए विद्यार्थियों ने हाइक रिपोर्ट भी तैयार की। दिनभर विभिन्न स्काउट खेलों का आयोजन किया गया, जो नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय-कौशल और अनुशासन का अभ्यास कराने का माध्यम बने।
मास्टर स्काउट प्रताप मेहरा ने बताया कि शिविर का उद्देश्य बच्चों में आत्मनिर्भरता, अनुशासन, टीम भावना और सेवा-भाव विकसित करना है। उन्होंने जोर दिया कि ये गतिविधियाँ छात्रों को जीवन के व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं और चरित्र निर्माण में सहायक होती हैं। शिविर में प्रशिक्षकों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से यह दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

