HomeUttarakhandBageshwarBageshwar Breaking: पूरी बाजार रखी बंद, धरना दिया, चाय के लिए तरस...

Bageshwar Breaking: पूरी बाजार रखी बंद, धरना दिया, चाय के लिए तरस गए यात्री

ADVERTISEMENTSAd

  • नुमाइशखेत में बाहरी व्यापारियों को दुकानें आवंटित करने से व्यापार मंडल आंदोलित
  • पालिका के पक्ष में उतरे पर्यावरण मित्र, सफाई ठप करने की चेतावनी दी

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
नुमाइशखेत में बाहर से आए व्यापारियों को दुकानें आवंटित करने के विरोध में शनिवार को बाजार पूरी तरह बंद रहा। गांवों से आए लोग और यात्रियों को चाय भी नहीं मिली। व्यापारियों ने नुमाइशखेत मैदान पर धरना दिया। नगर पालिका ने बोर्ड ने आपातकालीन बैठक बुलाई। व्यापारी और पालिका दोनों अड़े हुए हैं। पालिका के पक्ष में अब पर्यावरण मित्रों ने रविवार को सफाई अभियान पर विराम का नारा बुलंद कर दिया है। जिला प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप करने की मांग तेज हो गई है।

नगर पालिका बोर्ड ने नुमाइशखेत मैदान पर रामलीला, दुर्गापूजा, दीपावली और उत्तरायणी मेले के दौरान दुकानें आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया है। बाहर से आने वाले दुकानदारों से एक दुकान से पांच हजार रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जाता है, जबकि स्थानीय व्यापारियों से सौ से लेकर पांच रुपये तक है। पालिका की आय बढ़ाने के लिए यह निर्णय बेहतर भी साबित हो रहा है। लेकिन व्यापार मंडल इसके विरोध में उतर आया है। व्यापारियों ने शनिवार को बाजार बंद का आह्वान किया। एकजुटता के चलते सफलता भी मिली। व्यापारियों ने नुमाइखेत मैदान पर धरना दिया। व्यापार मंडल अध्यक्ष कवि जोशी ने कहा कि स्थानीय व्यापारियों की उपेक्षा की जा रही है। कहा कि नवरात्र में नुमाइखेत में रामलीला और दुर्गा महोत्सव होते हैं। लोग बच्चों को लेकर आते हैं। महिलाएं व्रत कर भजन आदि का गायन करती हैं, लेकिन पालिका ने 40 दुकानें बाहर के लोगों को दे दी। मैदान में घूमने तक की जगह नहीं रह गई है। उन्होंने तीन दिन इसका विरोध किया। दूसरे दिन प्रशासन को भी आगाह किया, किसी ने भी इसकी सुध नहीं ली। अब व्यापारियों ने विरोध में बाजार बंद किया है। यदि इसके बाद भी दुकानें नहीं हटीं तो प्रदेश स्तरीय बाजार बंद किया जाएगा।
बोर्ड ने निर्णय लियाः पालिकाध्यक्ष

मामले पर पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने कहा कि यह बोर्ड का निर्णय है। व्यापारियों से निवेदन है कि वह अपना आंदोलन स्थगित करें। आपसी समन्वय स्थापित कर मामले का हल निकाला जा सकता है। स्थानीय लोगों के लिए भी स्थान दिया जाएगा। नुमाइशखेत पालिका की संपत्ति है। पालिका की आय बढ़ाने के लिए यह निर्णय है। जिस पर बोर्ड के सभी सदस्य सहमत हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था पर बोर्ड नियम बनाता है। वह नगरवासियों के हितों के लिए होते हैं। स्थानीय व्यवसाय प्रभावित नहीं हो, इसके लिए हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, खादी ग्रामोद्योग के उत्पादन भी बेचने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा जा रहा है।
पर्यावरण मित्रों की भौंहे तीन

पर्यावरण मित्र संगठन के अध्यक्ष नरोत्तम ने कहा कि यदि व्यापारी नहीं माने, तो वह स्वच्छता अभियान रविवार से बंद कर देंगे। पालिका की आय से ही उनका वेतन निकलता है। उनका कहना है कि पालिका बोर्ड के निर्णय के खिलाफ व्यापारी हैं, लेकिन वे पालिका को समर्थन देंगे। इसके लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा।
यात्री और ग्रामीण रहे परेशान

बाजार बंद होने से गांवों से आए लोग और यात्री परेशान रहे। व्यापार मंडल ने यह निर्णय बीती शाम एसडीएम से वार्ता विफल होने के बाद लिया। जिसके कारण लोगों को चाय, भोजन और अन्य सामान नहीं मिल सका। लेटी गांव की पानुली देवी ने कहा कि वह सामान लेने आई थीं। जौलकांडे की लछीमा ने बताया कि बच्चों के लिए सामान लेना था। चैगांवछीना के गोविंद ने बताया कि कपड़े आदि खरीदने थे। बाजार बंद होने से उनका समय और धन बर्बाद हुआ।
दुकानें नहीं हटी तो नहीं होंगे कार्यक्रम

बागेश्वर। नगर पूजा कमेटी, दुर्गा पूजा कमेटी एवं रामलीला कमेटी द्वारा भी व्यापार मंडल के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। नगर पूजा कमेटी के अध्यक्ष बृजकिशोर वर्मा, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कंचन साह व दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष द्वारा व्यापार मंडल के आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि वर्षो से यहाँ पूजा एवं धर्मिक अनुष्ठान के आयोजन इस मैदान में होते आये है। इस दौरान कोई बाहरी व्यापारियों द्वारा यहाँ इस तरह की दुकानें नहीं लगाई गई। नवरात्रों के दौरान के चाय, मोमफली खिलौने की दुकानें लगाई जाती थी। उन्होंने कहा कि जबरन दुकानें लगाई गई, तो कमेटी कोई आयोजन नहीं कराएगी।
बाल्मीकि समाज का भी व्यापारियों को समर्थन
बागेश्वरः व्यापारियों के आंदोलन को बाल्मीकि संगठन के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार ने भी अपना लिखित समर्थन दिया है। संगठन के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार ने व्यापार संघ अध्यक्ष को दिये समर्थन पत्र में कहा कि नगर में बाहरी व्यापारियो का बिल्कुल समर्थन नही किया जायेगा। उन्होंने नगर व्यापार मंडल के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।

ADVERTISEMENTS
RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments