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Eid 2025: भारत और सऊदी में इस द‍िन मनाई जाएगी ईद, कब दिखेगा चांद

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Eid-ul-Fitr 2025 : पाक माह रमजान का आखिरी हफ्ता शुरू हो चुका है. पूरे महीने रोजे रखने वाले और अकीदत करने वाले मुसलमानों (Bharat Me Eid Kab Hai) को अब शिद्दत से इंतजार है उस दिन का जब वो ईद उल फितर (Eid ul fitr 2025) का जश्न मना सकेंगे. इस जश्न के साथ माहे रमजान (Ramzaan kab khatm honge) का ये त्योहार पूरा होगा. हर दिन रोजा रखने वाले मुसलमान भी अब ये जानने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि ईद उल फितर (Eid Kab Hai 2025) की तारीख क्या होगी. ये समय चांद दिखने के बाद तय होता है. चलिए जानते हैं कि चांद के अनुसार कैसे तय होगा कि ईद उल फितर कब मनाई जाए.

Eid 2025
Eid 2025

भारत में रोजे कब शुरू हुए ? (When Did Ramzaan Start In India)

इस साल भारत में रमजान की शुरुआत रविवार, 2 मार्च को हुई. यहां नया चांद शनिवार यानी कि 1 मार्च को देखा गया था. जबकी सऊदी अरब में रमजान एक दिन पहले से शुरू हो गई थी. सऊदी अरब में एक मार्च से ये दिन शुरू हो गए थे. माहे रमजान एक दिन बाद यानी कि दो मार्च से शुरू होने की वजह से भारत में ईद उल फितर (Eid ul fitr 2025) 31 मार्च को या फिर 1 अप्रैल को मनाई जा सकती है. चांद दिखने के हिसाब से इन दो में से कोई एक दिन तय हो सकता है.

ईद की तारीख कैसे तय होगी? (How To Decide Eid Ul Fitr Date)

 

  • ईद उल फितर की सही तारीख चांद दिखने के बाद ही तय होती है.
  • अगर 30 मार्च की शाम को चांद नजर आ जाता है, तो ईद 31 मार्च को होगी.
  • अगर चांद नहीं दिखता, तो ईद 1 अप्रैल को मनाई जाएगी.
  • सऊदी अरब में भी यही नियम लागू होता है:
  • अगर 29 मार्च की शाम को चांद दिख जाता है, तो
    ईद 30 मार्च को हो सकती है.
  • अगर चांद नहीं दिखता, तो ईद 31 मार्च को होगी.

ईद के लिए चांद देखना क्यों ज़रूरी है?

इस्लामी कैलेंडर चांद के अनुसार चलता है और हर हिजरी महीने की शुरुआत चांद दिखने से तय होती है. ईद उल फितर (Eid ul fitr 2025) इस्लामी महीने शव्वाल की पहली तारीख को मनाई जाती है. चूंकि चंद्र महीने 29 या 30 दिन के होते हैं, इसलिए हर साल ईद की तारीख बदलती रहती है. इस्लाम के जानकार चांद देखकर इसकी पुष्टि करते हैं.

ईद उल फितर का महत्व (Significance Of Eid Ul Fitr)

ईद उल फितर का मतलब है ‘रोजा खोलने का त्योहार’. यह रमजान के पूरे होने का जश्न होता है. जो इबादत, दान और खुद को जानने-समझने का महीना होता है. यह इस्लाम की पांच अहम सीख में से एक माना जाता है और इसे शुक्रिया, सवाब और खुशी के रूप में मनाया जाता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. सीएनई इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

 

 

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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