👉 शताब्दी वर्ष पर शिल्पकार समाज ने आयोजित किया स्मृति दिवस
👉 अब रैमजे इंटर कालेज में प्रस्तावित सम्मेलन की जोरशोर से तैयारी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: ऐतिहासिक द्योलीडांडा शिल्पकार सम्मेलन को सौ साल पूरे होने पर शिल्पकार समाज द्वारा इस बार शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में द्योलीडांडा में स्मृति दिवस कार्यक्रम हुआ, जिसमें इस सम्मेलन की ऐतिहासिकता पर विस्तार से चर्चा हुई और आगामी 28 सितंबर को होने वाले शिल्पकार सम्मेलन की तैयारियों पर मंथन हुआ।
24-25 सितंबर,1925 को आयोजित द्योलीडांडा शिल्पकार सम्मेलन के सौ साल पूरे होने पर द्योलीडांडा शिल्पकार सम्मेलन शताब्दी समारोह आयोजन समिति अल्मोड़ा ने इस बार इसका शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। स्मृति दिवस के रुप में समिति ने द्योलीडांडा (ग्रेनाइट हिल) पर भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। जहां कार्यक्रम का संचालन करते हुए समिति के संयोजक संजय कुमार टम्टा ने सन् 1925 के शिल्पकार सम्मेलन की ऐतिहासिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि उस समय की विषम परिस्थितियों में कुमाऊं व गढ़वाल से शिल्पकार समाज के लोग एकजुट होकर समाज के हितों को लेकर व्यापक मंथन किया। उन्होंने बताया कि तब कुमाऊं व गढ़वाल से लोग पैदल यात्रा कर के अल्मोड़ा पहुंचे। उन्होंने कहा कि समाज हित में इस सम्मेलन में 21 प्रस्तावों का एक ड्राफ्ट तैयार किया गया। जिसमें शिल्पकार समाज के विभिन्न समस्याओं को रखा गया था। उसी प्रस्ताव का यह परिणाम हुआ कि सरकार ने उस पर अमल करते हुए शिल्पकार समाज के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये और कई समस्याओं का समाधान हुआ।
मुंशी हरि प्रसाद टम्टा के पौत्र दयाशंकर टम्टा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि 24 सितंबर 1925 के शिल्पकार सम्मेलन का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि उस समय कुमाऊं गढ़वाल से हजारों की तादाद में शिल्पकार समाज के लोग सम्मेलन में पहुंचे थे और सम्मेलन का आयोजन कुमाऊं शिल्पकार सभा ने किया था। इस सम्मेलन का नेतृत्व मुंशी हरी प्रसाद टम्टा ने किया था। उन्होंने बताया कि शिल्पकार सम्मेलन का प्रतिफल यह हुआ कि इसमें पारित प्रस्तावों पर सरकार द्वारा अमल किया गया। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आगामी 28 सितंबर 2025 को रैमजे इंटर कॉलेज में समिति द्वारा शिल्पकार सम्मेलन आयोजित होगा। उन्होंने इसमें अधिकाधिक संख्या में हिस्सा लेकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया।
मुंशी हरी प्रसाद टम्टा के परपौत्र सावन टम्टा ने विचार रखते हुए कहा कि हमें मुंशी हरि प्रसाद टम्टा के बताए मार्ग पर चलना चाहिए और शिल्पकार समाज के विकास के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। इस मौके पर लल्लू लाल, नवल किशोर टम्टा, महेंद्र प्रसाद आर्या ने भी विचार रखे। बताया कि रैमजे इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में होने वाले भव्य द्योलीडांडा शिल्पकार सम्मेलन में केन्द्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत शिल्पकार समाज के मंत्री व विधायक तथा सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचेंगे। कार्यक्रम में सुभाष चंद्र, आशीष कुमार, सुंदर लाल आर्य, महेंद्र प्रकाश, अजित कुमार टम्टा, सुमित कुमार, रमेश लाल, करन टम्टा, पीयूष कुमार, आशीष कुमार, सुमित टम्टा, शैलेंद्र कुमार टम्टा, राहुल टम्टा, सुमित कुमार, सूरज टम्टा, डॉ. रचना टम्टा, डॉ. बीएल आर्या, डॉ. अमित टम्टा, रवि शंकर टम्टा, अनिरुद्ध टम्टा, अभिषेक टम्टा, नंदकिशोर टम्टा, महावीर गड़िया, सुधार कुमार टम्टा, नवीन त्रिकोटी, संतोष कुमार, भगवती प्रसाद टम्टा, अशोक कुमार, नाथू राम, नवल किशोर टम्टा, प्रकाश चंद्र आर्या, जीवन लाल टम्टा आदि कई लोग उपस्थित रहे।

