👉 अस्पताल प्रबंधन को हिदायत— भविष्य में किसी मरीज को परेशानी नहीं होने पाए
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा: एक व्यक्ति अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने बेस अस्पताल पहुंचा, तो अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका। उन्होंने बड़े अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाने की शिकायत अपने फेसबुक पेज पर की। तो इस पोस्ट का डीएम अंशुल सिंह ने तत्काल संज्ञान ले लिया। जिला व बेस अस्पतालों के प्रबंधन को चेताया कि भविष्य में किसी भी मरीज को ऐसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए आपसी समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं।
मामला ये था कि बीते दिनों केली उत्तराखंड (kelly Uttrakhand) नाम से संचालित फेसबुक पेज पर उसके संचालक ने एक वीडियो प्रसारित किया था, जिसमें बेस अस्पताल में स्वास्थ्य अव्यवस्था के संबंध में शिकायत की थी। उन्होंने अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड नहीं होने की शिकायत दर्ज की थी। स पोस्ट का जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने संज्ञान ले लिया। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि जब वे अल्ट्रासाउंड कराने बेस अस्पताल पहुंचे तो वहां पर अल्ट्रासाउंड स्टाफ उपलब्ध नहीं था। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लेते हुए जिला अस्पताल तथा बेस अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए और कहा कि भविष्य में किसी आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को ऐसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस संबंध में जिलाधिकारी ने प्रिंसिपल राजकीय मेडिकल कॉलेज सीपी भैंसोड़ा से जानकारी ली, तो उनके द्वारा बताया गया कि उस दिन अल्ट्रासाउंड करने वाले रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर थे। जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल तथा बेस अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि यदि भविष्य में ऐसा कोई तात्कालिक प्रकरण आता है तो आपसी समन्वय से संबंधित मरीज को तत्काल उपचारित किया जाए। यदि किसी अस्पताल में किसी कारण से सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही, तो दोनों अस्पताल प्रबंधन एक इकाई के रूप में कार्य करते हुए आपसी समन्वय के साथ संबंधित मरीज को उपलब्ध सुविधा का लाभ दें। जिला प्रशासन ने आम जन से अपील की है कि अल्मोड़ा मुख्यालय में दो बड़े अस्पताल संचालित हैं, जो जनता के बेहतर उपचार के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि यदि एक अस्पताल में कोई सुविधा किसी कारण से उपलब्ध नहीं हो पा रही तो दूसरे अस्पताल में जाकर इलाज कराया जा सकता है, इसके लिए दोनों अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है।

