लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) पर दर्ज कराई गई जन शिकायतों के निवारण की गति पर ज़ोर देते हुए, गुरुवार को अल्मोड़ा कलक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए ज़िलाधिकारी (DM) अंशुल ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर प्राप्त लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के लिए कड़े निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का समझें उद्देश्य
दरअसल, डीएम अंशुल ने ज़ोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1905) राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया एक प्रभावी और सीधा माध्यम है, जिसका मुख्य उद्देश्य जन समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। अतः, उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस प्लेटफॉर्म पर आई हुई किसी भी शिकायत के निपटारे में लापरवाही या अनावश्यक विलंब बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।
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इस क्रम में, ज़िलाधिकारी ने विभागवार लंबित शिकायतों की वर्तमान प्रगति की गहराई से समीक्षा की। समीक्षा के दौरान, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों में कार्रवाई अभी भी अधूरी है या लंबित है, उन्हें बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर तत्काल प्रभाव से निस्तारित किया जाए। इसके अतिरिक्त, डीएम ने अधिकारियों को याद दिलाया कि शिकायतों के समाधान प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि राज्य सरकार की जनहितकारी मंशा को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से उतारा जाए।
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अंत में, डीएम अंशुल ने यह भी निर्देश दिए कि हर शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क स्थापित किया जाए ताकि उनके समस्या निवारण के संबंध में गुणवत्तापूर्ण फीडबैक प्राप्त किया जा सके। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी शिकायत को तभी “बंद” (Closed) माना जाए जब शिकायतकर्ता वास्तविक समाधान से संतुष्ट हो जाए। बैठक में अपर ज़िलाधिकारी (ADM) युक्ता मिश्र समेत सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

