400+ बच्चों को शिक्षा की राह पर मोड़ा
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। दिवाली के शुभ पर्व पर, नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रहलाद नारायण मीणा ने हल्द्वानी के मंगल पड़ाव स्थित वीरांगना संस्था में अध्ययनरत बच्चों के साथ खुशियाँ साझा कीं। एसएसपी ने बच्चों को मिठाई खिलाई और उन्हें भिक्षावृत्ति छोड़कर शिक्षित होने तथा राष्ट्र के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
एसएसपी मीणा ने संस्था की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व सदस्यों से बच्चों के उत्थान के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। बातचीत के दौरान, उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है।
403 बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा गया
वीरांगना संस्था के संचालकों ने बताया कि उन्होंने यह कार्य वर्ष 2013 से शुरू किया था। संस्था में वर्तमान में 27 बच्चे पंजीकृत हैं। सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि पुलिस के सहयोग से अब तक 403 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराकर स्कूलों में दाखिला दिलाया जा चुका है, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
‘ऑपरेशन मुक्ति’ के तहत जारी है बच्चों का पुनर्वास
एसएसपी नैनीताल ने बताया कि नैनीताल पुलिस द्वारा भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए लगातार ‘ऑपरेशन मुक्ति’ और ‘ऑपरेशन स्माइल’ जैसे विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों का लक्ष्य इन बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। उन्होंने वीरांगना संस्था के टीम लीडर और सदस्यों के प्रयासों की जमकर सराहना की और भिक्षावृत्ति उन्मूलन में पुलिस के निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर वीरांगना टीम के अध्यक्ष योगेश सिंह रजवार, गुंजन बिष्ट, मोनिका (समन्वयक), भूपेंद्र सिंह ऐरी (शिक्षक) समेत संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

