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देवीधुरा : विश्व प्रसिद्ध बगवाल के साक्षी बने हजारों लोग, 142 रणबांकुरे घायल

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रक्षाबंधन के पावन पर्व पर चंपावत जिले के देवीधुरा में मां बाराही मंदिर के प्रांगण में विश्व प्रसिद्ध बगवाल खेली गई। इस पत्थर मार मेले में 142 रणबाकुंरे घायल हो गए, जिनमें से दो गंभीर घायलों को जिला चिकित्सालय चंपावत रेफर कर दिया गया है।

Devidhura Bagwal Mela : इस बगवाल में कई दर्शक भी घायल हो गए। शुरुआत में बग्वाली वीरों के द्वारा फल फूलों से बगवाल खेली जा रही थी बाद में बग्वाली वीरों ने जोश में मां के जयकारे लगाते हुए पत्थरों से बगवाल खेलना शुरू कर दी जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। वहीं सभी घायलों का देवीधुरा अस्पताल तथा मेला कैंप में स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा उपचार किया गया वहीं मुख्यमंत्री धामी के साथ हजारों लोग बगवाल के साक्षी बने।

उल्लेखनीय है कि चंपावत के देवीधुरा के प्रसिद्ध मां वाराही मंदिर में रक्षाबंधन पर बग्वाल खेलने की परंपरा है। पुराने जमाने में यहां नर बलि देने की प्रथा थी, जो समय के साथ पत्थर युद्ध में तब्दील हो गई, लेकिन साल 2013 में न्यायालय के आदेश के बाद पत्थरों की जगह फूल और फलों से बग्वाल खेली जाने लगी है। बग्वालीवीरों का मानना है कि वो आसमान में फलों को फेंकते हैं, लेकिन वो पत्थरों में तब्दील हो जाते हैं। इस बग्वाल में एक व्यक्ति के शरीर के बराबर का खून बहाया जाता है।

इस बार भी आषाढ़ी कौतिक के मौके पर 50 हजार से ज्यादा लोग बग्वाल मेले का गवाह बने। चारों खामों (बिरादरी) के रणबांकुरों ने 11 मिनट तक फूल, फल और पत्थरों से युद्ध किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मां वाराही धाम पहुंचे और पूजा अर्चना की।

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Deepak Manral
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तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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