सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर
जिले के डुंगरगांव, मजबे और चामी के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने डुंगरगांव से मजबे, दाड़िमठौक और क्वैराली, सात-रतवे मुख्य मोटरमार्ग से उनके गांव तक सड़क बनाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों ने कहा कि चामी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वह लंबे समय से आंदोलित हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल चामी होते हुए भयेड़ी तक सड़क मिलान करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं, मलबे और डुंगरगांव के ग्रामीणों ने कहा कि शहीद रमेश सिंह परिहार सडृक को डुंगरगांव, मजबे होते हुए दाड़िमठौक गांव तक मिलान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सड़क कररिगल शहीद के नाम 1999 से स्वीकृत है। अभी सड़क डुंगरगांव और मजबे तक नहीं बनी है। उन्होंने कहा कि गांव तक सड़क नहीं होने से बीमार, प्रसूता, बुजुर्ग आदि को सड़क तक लाने में दिक्कतें हो रही हैं। इसके अलावा गांव में उत्पादित फल, सब्जी आदि अन्य दलहनी फसलों को बाजार भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को झूठा आश्वासन के अलावा और कुछ नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 60 दिन के भीतर यदि सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान नवीन परिहार, दीप चंद्र जोशी, उमेश चंद्र जोशी, इंद्रा जोशी, चंदन सिंह, भगत सिंह, मोहन सिंह, रूप सिंह, दरवान सिंह, राजेंद्र सिंह, बहादुर सिंह, हेमा देवी, उमेद सिंह आदि मौजूद थे।
Bageshwar News: डुंगरगावं, मजबे व चामी के ग्रामीणों का जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, मोटरमार्ग नहीं बनने से चढ़ा गुस्सा
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