15 दिन में पुल न बनने पर आंदोलन की चेतावनी
बागेश्वर (सीएनई रिपोर्टर): कपकोट तहसील के बैसानी गांव में आपदा के छह महीने बाद भी स्थायी पुल का निर्माण न होने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है।
मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
हादसे को दावत दे रहा लकड़ी का अस्थायी पुल
कलक्ट्रेट में हुई सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि 28 अगस्त 2025 को गांव में आई भीषण आपदा ने भारी तबाही मचाई थी, जिससे गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया था। उस समय प्रशासन ने आनन-फानन में लकड़ी के अस्थायी पुल बनवाए थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि:
- छह महीने बीत जाने के बाद भी स्थायी पुल के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
- अस्थायी पुल की लकड़ियां अब टेढ़ी होकर गलने लगी हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का भय बना रहता है।
- स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए इस पुल से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है।
15 दिन का अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को स्पष्ट संदेश भेजा है कि ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा न ली जाए। यदि अगले 15 दिनों के भीतर स्थायी पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो ग्रामीण जिला मुख्यालय में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल: चेतावनी देने वालों में मुख्य रूप से ईश्वर सिंह, गोविंद सिंह, घनश्याम सिंह, पूर्व प्रधान गिरीश सिंह और प्रवीण सिंह समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।

