मंगल सिंह बिष्ट के लगातार पत्राचार के बाद हरकत में आए विभाग
पर्यटन और सिंचाई विभाग से संभावनाएं तलाशने की कार्रवाई
अल्मोड़ा। जनपद के विकासखंड सल्ट में प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर छिड़रौ झरने को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग अब सरकारी स्तर पर आगे बढ़ने लगी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य झीपा मंगल सिंह बिष्ट लंबे समय से इस प्राकृतिक स्थल को पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। उनके पत्राचार के बाद जिला प्रशासन, जिला योजना समिति और पर्यटन विभाग के स्तर पर संबंधित पत्र जारी किए गए हैं। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि छिड़रौ को विकसित करने की योजना धरातल पर कब उतरती है।
मंगल सिंह बिष्ट का कहना है कि छिड़रौ में पहाड़ों के बीच ऊंचाई से गिरता पानी प्राकृतिक झरने का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है। यहां पानी नीचे गिरकर तालाब जैसा स्वरूप भी ले लेता है। यदि इस प्राकृतिक स्थल को योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया जाए, तो यह आसपास के गांवों के लिए पर्यटन और रोजगार का नया माध्यम बन सकता है।
आठ गांवों के लिए बन सकता है पर्यटन और रोजगार का नया केंद्र
क्षेत्र पंचायत सदस्य मंगल सिंह बिष्ट के अनुसार, विकासखंड सल्ट के ग्रामसभा झीपा, कोला, रणकुना, पीपना, दाड़मी, कोटा झीमार, सनकणा और पटियाचौरा के आसपास स्थित यह प्राकृतिक स्थल क्षेत्र की महत्वपूर्ण पर्यटन संभावनाओं में शामिल हो सकता है। निकटवर्ती बोहरा-खीला क्षेत्र और कोला नैड के आसपास बहने वाली नदी का पानी कालागाड़ की ओर से प्रवाहित होते हुए छिड़रौ नामक स्थान पर पहुंचकर विशाल झरने का रूप लेता है।
उनका कहना है कि इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता को देखते हुए यहां पर्यटन गतिविधियों के विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं। यदि स्थल तक पहुंच, सुरक्षा और पर्यटकों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाए, तो आसपास के गांवों में स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही आजीविका के विकल्प मिलेंगे और पलायन रोकने के प्रयासों को भी बल मिल सकता है।
जिलाधिकारी को पत्र भेजकर उठाई मांग
छिड़रौ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए मंगल सिंह बिष्ट ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को भी पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने झरने की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए इसके विकास की आवश्यकता बताई है।
उन्होंने अवगत कराया कि छिड़रौ में पहाड़ों के बीच काफी ऊंचाई से पानी नीचे गिरता है और नीचे तालाब जैसा स्वरूप बन जाता है। उनके अनुसार, कुछ समय पूर्व जलविद्युत परियोजना के सिलसिले में यहां सर्वे टीम भी पहुंची थी। उन्होंने इस प्राकृतिक स्थल की संभावनाओं का समुचित आकलन कर पर्यटन विकास की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
मंगल सिंह बिष्ट ने विशेष रूप से अनुरोध किया है कि छिड़रौ के विकास संबंधी प्रस्ताव को वित्तीय वर्ष 2026–27 की जिला योजना में सम्मिलित किया जाए, ताकि इसके लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई और संसाधनों की व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
जिला योजना समिति ने पर्यटन विकास अधिकारी को भेजा पत्र
मंगल सिंह बिष्ट के प्रयासों के क्रम में जिला योजना समिति के स्तर से भी कार्रवाई सामने आई है। उपलब्ध पत्रावली के अनुसार, उप सचिव जिला योजना समिति/जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, अल्मोड़ा ने 7 जुलाई 2026 को जिला पर्यटन विकास अधिकारी, अल्मोड़ा को पत्र भेजा।
पत्र में मंगल सिंह बिष्ट, निवासी ग्राम झीपा, विकासखंड सल्ट की ओर से प्राप्त अनुरोध का उल्लेख करते हुए छिड़रौ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने संबंधी प्रस्ताव को जिला योजना वर्ष 2026–27 में सम्मिलित करने के संबंध में आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने को कहा गया है।
यह पत्र इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि स्थानीय स्तर पर उठाई गई मांग अब जिला योजना में प्रस्ताव शामिल करने की प्रक्रिया तक पहुंची है। हालांकि, प्रस्ताव का योजना में अंतिम रूप से शामिल होना और उसके लिए बजट स्वीकृत होना अभी अलग-अलग चरण हैं।
पर्यटन विभाग ने सिंचाई विभाग से संभावनाएं तलाशने को कहा
छिड़रौ के विकास को लेकर पर्यटन विभाग की ओर से भी पहल की गई है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, उप निदेशक पर्यटन, अल्मोड़ा ने अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड रानीखेत को पत्र भेजकर संबंधित स्थल की संभावनाओं का आकलन करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा है।
पत्र में छिड़रौ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कार्यों और संभावनाओं पर विचार करने का उल्लेख है। पर्यटन विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए स्थल की उपयुक्तता, भूमि की उपलब्धता और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का आकलन आगे की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगा।
इस पहल से उम्मीद जगी है कि संबंधित विभाग स्थल की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर विकास की संभावनाओं पर ठोस प्रस्ताव तैयार कर सकते हैं। हालांकि, किसी विस्तृत परियोजना, बजट या निर्माण कार्य की अंतिम स्वीकृति की पुष्टि अभी उपलब्ध पत्रों से नहीं होती।
स्थानीय स्तर पर वर्षों से उठ रही है मांग
छिड़रौ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग नई नहीं है। उपलब्ध पत्रावली में पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की ओर से इस विषय को उठाए जाने के दस्तावेज मौजूद हैं। एक पुराने सामूहिक आग्रह-पत्र में भी क्षेत्र के विकास के लिए इस योजना को स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया था।
मंगल सिंह बिष्ट का कहना है कि छिड़रौ जैसे प्राकृतिक स्थलों की पहचान और विकास से सल्ट क्षेत्र को पर्यटन के माध्यम से नई संभावनाएं मिल सकती हैं। इसके लिए केवल मांग उठाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि विभागों को स्थल का सर्वेक्षण, आवश्यक सुविधाओं की योजना, वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था और क्रियान्वयन की दिशा में भी कदम उठाने होंगे।
अब जिला योजना और विभागीय कार्रवाई पर टिकी निगाहें
सल्ट क्षेत्र के लोगों के लिए छिड़रौ झरने का विकास प्राकृतिक धरोहर को पहचान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का अवसर भी बन सकता है। पर्यटन स्थल के रूप में इसके विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार, छोटे कारोबारियों को आजीविका और क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल जिला योजना वर्ष 2026–27 में प्रस्ताव को शामिल करने की मांग और संबंधित विभागों को भेजे गए पत्र इस दिशा में आगे बढ़ने के संकेत देते हैं। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि विभाग स्थल की संभावनाओं का आकलन कर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें और आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं।
छिड़रौ की प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन की संभावनाओं में बदलने के लिए स्थानीय पहल के साथ प्रशासनिक इच्छाशक्ति, विभागीय समन्वय और बजट की उपलब्धता निर्णायक साबित होगी।










