रामनगर, नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में कथित लव जिहाद के एक गंभीर मामले को लेकर पूरे इलाके का माहौल गरमाया हुआ है। पिछले सप्ताह घटी इस घटना के विरोध में, शुक्रवार को हिंदूवादी संगठनों ने एक विशाल ‘जन जागरूकता आक्रोश रैली’ निकाली। संगठनों ने इस दौरान आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाकर कठोर कार्रवाई करने की मांग की, ताकि ऐसे तत्वों में डर पैदा हो।
रैली का नेतृत्व हिंदूवादी संगठन के नेता और भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष मदन जोशी ने किया। जोशी ने आरोप लगाया कि रामनगर की शांतिपूर्ण छवि को बिगाड़ने के लिए लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले हफ्ते की घटना में एक हिंदू किशोरी को गुमराह किया गया और उसके साथ गलत कृत्य हुआ। इस प्रकरण ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि प्रदेश और देशभर में भी आक्रोश पैदा किया है।”
मदन जोशी ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि, “रामनगर के अंदर ऐसे मामले बार-बार देखने को मिल रहे हैं। यह हमारी संस्कृति और समाज पर सीधा हमला है। हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाकर कठोर कार्रवाई करें, जिससे ऐसे लोगों में डर का माहौल बने और भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत न कर सके।”
महिलाओं को जागरूक रहने का संदेश
यह आक्रोश रैली पीएनजीपीजी महाविद्यालय से शुरू हुई और मुख्य बाजार होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। रैली में सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनमें छोटे बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग तक थे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर जमकर नारेबाजी की। हिंदू संगठनों ने महिलाओं को जागरूक रहने का संदेश दिया और चेतावनी दी कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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रैली के दौरान माहौल पूरी तरह से आक्रोशपूर्ण रहा, हालांकि सभी गतिविधियां शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुईं। पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
फ्लैशबैक: क्या था रामनगर लव जिहाद का पूरा मामला?
रामनगर में यह तनाव पिछले सप्ताह सामने आई एक घटना से उपजा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और हिंदू संगठनों के आरोपों के अनुसार एक समुदाय विशेष के युवक ने कथित तौर पर एक नाबालिग हिंदू छात्रा को प्रेम जाल में फंसाया। हिंदू संगठनों का आरोप है कि युवक ने इस छात्रा को बुर्का भी पहनाया था। सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया। संगठनों का कहना है कि किशोरी को बुर्का पहनाना इस बात को दर्शाता है कि उसे अपने धर्म में लाने का प्रयास किया जा रहा था, ताकि कहीं भी आने-जाने में उसकी पहचान न हो पाए। आरोप है कि नाबालिग छात्रा को गुमराह कर अगवा किया गया और उसके साथ गलत कृत्य किया गया।
पुलिस कार्रवाई: आरोपी की गिरफ्तारी
घटना सामने आने के बाद लड़की के परिवार की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि हिंदूवादी संगठनों ने यह आशंका जताई है कि शहर में हिंदू बच्चियों को एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और इस घटना के पीछे एक गिरोह शामिल हो सकता है। स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है और वे इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं ताकि इसके पीछे की मंशा और गिरोह का खुलासा हो सके।

