नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इस आतंकी हमले के पीछे डॉ. उमर मोहम्मद का नाम सामने आया है — वही व्यक्ति जो पेशे से चिकित्सक था, लेकिन धीरे-धीरे आतंकवाद और जिहाद के रास्ते पर चल पड़ा। जांच एजेंसियों के अनुसार, डॉ. उमर मोहम्मद ही दिल्ली बम ब्लास्ट और लाल किला धमाके का मास्टरमाइंड था।

जांच में सामने आया है कि डॉ. उमर मोहम्मद, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गांव का रहने वाला था। उसका जन्म 24 फरवरी 1989 को हुआ था।
उमर ने 2017 में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर से MBBS की डिग्री हासिल की थी। उसका मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर 15313 बताया गया है। पेशे से डॉक्टर होने के बावजूद उमर का झुकाव कट्टरपंथी विचारधारा की ओर बढ़ता गया और वह धीरे-धीरे आतंक की राह पर उतर आया।
Delhi Red Fort blast investigation reveals shocking truth — Dr. Umar Mohammad, a trained physician, turned mastermind behind the deadly car explosion near Delhi Metro. Police uncover terror links from Pulwama to Faridabad.

🔹 लाल किला ब्लास्ट की साजिश
डॉ. उमर मोहम्मद ने न सिर्फ इस धमाके की योजना बनाई, बल्कि लाल किला ब्लास्ट की पूरी साजिश को अंजाम देने में भी खुद शामिल था।
सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ है कि उमर एक सफेद i20 कार में सवार था, जिसे आखिरी बार बदरपुर बॉर्डर और बाद में लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास देखा गया।
पुलिस के मुताबिक, उमर कार में लगभग ढाई से तीन घंटे तक बैठा रहा और एक पल के लिए भी बाहर नहीं निकला। माना जा रहा है कि वह किसी निर्देश या मौके का इंतजार कर रहा था।
🔹 धमाके की भयावह तस्वीर

सोमवार शाम 6:52 बजे, लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास चलते वाहन में जोरदार धमाका हुआ।
इस धमाके में 2 महिलाओं समेत 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल हुए।
ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि एक किलोमीटर तक आवाज सुनाई दी, और पास खड़ी 6 कारें, 2 ई-रिक्शा और 1 ऑटो जल गए।
धमाका कार के पिछले हिस्से में हुआ था। पुलिस को घटनास्थल से आरडीएक्स के साक्ष्य नहीं मिले हैं, जिससे शक है कि धमाका किसी और उच्च विस्फोटक सामग्री से किया गया।
🔹 कार और संदिग्धों की कड़ी
जिस i20 कार से धमाका हुआ, वह हरियाणा के गुरुग्राम में मोहम्मद सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
पुलिस ने सलमान को गिरफ्तार किया, जिसने बताया कि उसने यह कार डेढ़ साल पहले ओखला के देवेंद्र नामक व्यक्ति को बेची थी, और बाद में यह कार अंबाला होते हुए पुलवामा निवासी तारिक के पास पहुंची।
यही तारिक, डॉ. उमर का करीबी बताया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है —
- डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई (फरीदाबाद)
- डॉ. आदिल अहमद राथर (पुलवामा)
- डॉ. शाहीन शाहिद (लखनऊ)
इन सबका संबंध एक ही नेटवर्क से बताया जा रहा है, जिसे एजेंसियां “फरीदाबाद मॉड्यूल” कह रही हैं।
🔹 विस्फोटक बरामदगी और जांच
पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से लखनऊ तक फैले एक अभियान में लगभग 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थ जब्त किए थे।
इस नेटवर्क का मुख्य समन्वयक डॉ. उमर मोहम्मद ही बताया जा रहा है।

जांच एजेंसियां अब इस घटना को UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत दर्ज कर चुकी हैं और आत्मघाती हमले की संभावना की भी जांच कर रही हैं।
🔹 उमर ने खुद को उड़ाया, गिरफ्तारी से पहले खत्म की जिंदगी
सूत्रों के अनुसार, जब पुलिस उसकी गिरफ्तारी के करीब पहुंची, तब डॉ. उमर मोहम्मद ने खुद कार में बैठे-बैठे ब्लास्ट कर दिया, जिससे वह खुद भी मारा गया।
उसकी सीसीटीवी फुटेज और चेहरे की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं। दावा किया जा रहा है कि कार में बैठा व्यक्ति वही उमर मोहम्मद था।
🔹 गृह मंत्रालय की बैठक और सुरक्षा अलर्ट
गृह मंत्री अमित शाह ने इस धमाके के बाद उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है।
इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख समेत सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
दिल्ली, हरियाणा, और जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
📌 निष्कर्ष
डॉ. उमर मोहम्मद की कहानी एक चेतावनी है कि कैसे एक शिक्षित व्यक्ति भी कट्टरपंथ के जाल में फंसकर आतंकवाद की राह चुन सकता है।
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क की हर कड़ी को खंगाल रही हैं ताकि आगे कोई और “डॉ. उमर” देश की शांति को चुनौती न दे सके।

