पुलिस ने तीन युवकों पर कसा शिकंजा
बागेश्वर (उत्तराखंड): सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर बिना जांचे-परखे किसी को संदिग्ध या विदेशी बताना अब महंगा पड़ सकता है। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पुलिस ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और एक मूक-बधिर युवक को ‘बांग्लादेशी’ बताकर अफवाह फैलाने वाले तीन युवकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस की तत्परता से न केवल एक परिवार को उनका खोया हुआ बेटा वापस मिला, बल्कि क्षेत्र में फैल रहे संभावित तनाव को भी समय रहते रोक लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
घटना बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र की है। यहाँ कुछ स्थानीय लोग एक करीब 30 वर्षीय युवक को लेकर थाने पहुंचे। लोगों का दावा था कि युवक संदिग्ध है और संभवतः बांग्लादेशी है। युवक बोल पाने में असमर्थ (मूक-बधिर) था, जिस कारण वह अपनी पहचान बताने में पूरी तरह असमर्थ था। इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ तत्वों ने इलाके में अफवाह फैलाना शुरू कर दिया, जिससे सांप्रदायिक या सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया।
पुलिस की सूझबूझ से खुला राज
कपकोट थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नगरकोटी ने युवक की वेशभूषा और व्यवहार को देखते ही भांप लिया कि वह विदेशी नहीं बल्कि स्थानीय हो सकता है। पुलिस ने बिना समय गंवाए युवक की तस्वीर आसपास के गांवों और पुलिस थानों में भेजी।
पुलिस के डिजिटल और जमीनी सत्यापन (Verification) के प्रयासों का नतीजा यह रहा कि युवक की पहचान देवेंद्र उर्फ बबलू पुत्र हरीश राम, निवासी ग्राम गडुवा सिरमौर (थाना कांडा) के रूप में हुई।
परिवार की तलाश हुई खत्म
बेटे की पहचान होते ही पिता हरीश राम तुरंत थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र जन्म से मूक-बधिर है और कुछ समय पहले रास्ता भटककर घर से लापता हो गया था। परिवार उसकी काफी समय से तलाश कर रहा था। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर युवक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
अफवाह फैलाने वालों पर गिरी गाज
पुलिस ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। एक निर्दोष और दिव्यांग युवक को जबरन संदिग्ध बताकर जनता को भ्रमित करने और क्षेत्र में अशांति पैदा करने की कोशिश पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। पुलिस ने अफवाह फैलाने के आरोप में तीन युवकों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/135 के तहत चालानी कार्रवाई की है।
पुलिस की अपील: बागेश्वर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को देखकर स्वयं निर्णय न लें और न ही अफवाह फैलाएं। किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।

