सपनों को मिली नई उड़ान
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि मन में दृढ़ संकल्प और मेहनत का जज्बा हो, तो सफलता कदम चूमती है। इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है राजकीय बाल गृह (किशोरी) बख, अल्मोड़ा की छात्राओं ने। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में यहाँ की बालिकाओं ने अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे जिले का नाम रोशन किया है।


इंटरमीडिएट: शत-प्रतिशत रहा परिणाम
कक्षा 12वीं (इंटरमीडिएट) की परीक्षा में बाल गृह की कुल 12 छात्राएं सम्मिलित हुई थीं और सभी ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की।
- प्रथम श्रेणी: 10 छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुईं।
- द्वितीय श्रेणी: 02 छात्राएं द्वितीय श्रेणी में रहीं।
मेधावी छात्राएं: संस्थान की तमन्ना बोरा ने 82% अंकों के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उनके साथ ही लक्ष्मी और रेनू ने 74.4% तथा रुक्मणी ने 72.6% अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
हाईस्कूल: योगिता शर्मा ने मारी बाजी
कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) में भी बाल गृह की 6 बालिकाओं ने बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी शैक्षणिक क्षमता का परिचय दिया। इनमें योगिता शर्मा ने 64.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया और अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनीं।
मिष्ठान और पुरस्कार से बढ़ा उत्साह
बालिकाओं की इस गौरवशाली उपलब्धि पर जिला प्रोबेशन अधिकारी, अल्मोड़ा ने राजकीय बाल गृह का भ्रमण किया। उन्होंने सभी सफल छात्राओं का मुँह मीठा कराया और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने हेतु प्रोत्साहित किया।
“इन बेटियों ने साबित कर दिया है कि लगन हो तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता। विभाग इनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा।” — जिला प्रोबेशन अधिकारी
समय का महत्व: उपहार में मिली ‘घड़ी’
सम्मान समारोह के दौरान मेधावी छात्राओं को विशेष पुरस्कार के रूप में कलाई घड़ी (Watch) भेंट की गई। पुरस्कार वितरण के दौरान अधिकारियों ने बालिकाओं को जीवन में समय के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सीख दी कि जिस तरह घड़ी निरंतर चलती रहती है, उसी तरह उन्हें भी समय का सदुपयोग करते हुए अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते रहना चाहिए।


