सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। देवभूमि उत्तराखंड के स्थापना दिवस (उत्तराखंड दिवस) की पूर्व संध्या पर, कंट्रीवाइड पब्लिक स्कूल (Countrywide Public School), बागेश्वर में सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपरा और राज्य निर्माण के संघर्ष से परिचित कराना था।

कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत आकर्षक और भावुक रही। प्री-प्राइमरी वर्ग के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने मनमोहक नृत्य और गीतों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके उपरांत, कुमाऊनी भाषा में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा ने विद्यालय परिसर में उपस्थित शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को भावविभोर कर दिया। इस पहल ने स्थानीय भाषा के प्रति सम्मान और जुड़ाव को मजबूत किया।
उत्तराखंड की संस्कृति सहेजने का आह्वान
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या अपर्णा कांडपाल ने सभी को उत्तराखंड दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में विद्यार्थियों को राज्य की संस्कृति, परंपरा और गौरव को सहेजते हुए जीवन में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
उपप्रधानाचार्य माहेश पांडे ने उत्तराखंड दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह दिन राज्य की एकता, संघर्ष और गर्व का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और लगन के माध्यम से राज्य के विकास में अपनी सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाएं।
अंतर-सदन वाद-विवाद प्रतियोगिता में दिखा जोश
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद, अंतर-सदन वाद-विवाद प्रतियोगिता (Inter-House Debate Competition) का आयोजन किया गया। विद्यालय के चारों सदनों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी वाक्पटुता, तार्किक क्षमता और विषय की गहरी समझ का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन दीपा खाती और अमृता पालनी ने किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में संदीप शुक्ला, श्रीनवीन पांडे और पूरन कनवाल का विशेष सहयोग रहा।
पूरे विद्यालय परिसर को उत्तराखंड की संस्कृति, लोकगीतों और पारंपरिक रंगों से सजाया गया था। इस भव्य आयोजन ने विद्यार्थियों में देवभूमि के प्रति गर्व की भावना और सांस्कृतिक जुड़ाव को और अधिक प्रगाढ़ किया।

