कोख में ही दफन हो गई अनकही किलकारी: मृतका थी 7 माह की गर्भवती
यमुनानगर/उत्तराखंड। इंसान सपने बुनता है, भविष्य की योजनाएं बनाता है, लेकिन समय के क्रूर हाथों को शायद कुछ और ही मंजूर था। एक हृदयविदारक दुर्घटना ने न केवल एक परिवार को खत्म कर दिया, बल्कि मानवता की रूह को भी कंपा कर रख दिया। घटना का सबसे दुखद पहलू तो यह है कि बाइक से अपने गांव जा रहे एक परिवार को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। जिसके बाद एक झटके में पति-पत्नी और 4 साल के मासूम की मौत हो गई। मृतका सात माह की गर्भवती थी।
मिली जानकारी के अनुसार, सचिन (29), अपनी पत्नी नेहा (27) और नन्हे से 4 साल के बेटे ‘नोनू’ के साथ बाइक पर सवार होकर अपने गांव झबरेड़ा (हरिद्वार) जा रहे थे। सचिन, जो यमुनानगर में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहे थे, शायद मन ही मन अपनी मां और 6 साल की बेटी से मिलने की खुशी में डूबे होंगे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस रास्ते पर वे अपनों से मिलने जा रहे हैं, वहीं मौत का साया डंपर बनकर उनका इंतज़ार कर रहा है।
कोख में ही दफन हो गई एक अनकही किलकारी
हरियाणा के यमुनानगर में पांसरा रेलवे क्रॉसिंग के पास हुए इस हादसे का सबसे मार्मिक और रूह कंपा देने वाला पहलू यह रहा कि नेहा सात माह की गर्भवती थी। वह नन्हा जीव, जिसने अभी दुनिया की रोशनी तक नहीं देखी थी, अपनी माँ की गोद में आने से पहले ही काल के गाल में समा गया। एक ही झटके में उस मासूम की आने वाली दुनिया और उसे भाई या बहन कहने वाले नोनू के खिलौने सदा के लिए खामोश हो गए।
चीखों में बदला खुशी का माहौल
पीछे से आए एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार डंपर ने उनकी खुशियों को रौंद डाला। टक्कर इतनी भयानक थी कि तीनों सड़क पर लहूलुहान होकर गिर पड़े। राहगीरों ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जब उन्हें मृत घोषित किया, तो जैसे पूरे अस्पताल की हवा में सन्नाटा पसर गया।
“सचिन का भाई रोहित सिसकते हुए कहता है, ‘दुकानदार का फोन आया था कि भाई घायल है, ट्रामा सेंटर पहुँचो। पर वहाँ पहुँचा तो देखा कि मेरा पूरा संसार उजड़ चुका था। नेहा गर्भवती थी… अब झबरेड़ा में सचिन की 6 साल की मासूम बेटी अपनी दादी के साथ अपने पापा-मम्मी और छोटे भाई का इंतज़ार कर रही है, उसे कौन बताएगा कि अब वो कभी नहीं लौटेंगे?'”
भाग गया डंपर चालक, पीछे छोड़ गया मातम
हादसे के बाद डंपर चालक अपनी इंसानियत को ताक पर रखकर मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उस ‘कातिल’ की तलाश कर रही है जिसने एक हंसते-खेलते घर को श्मशान बना दिया।
आज झबरेड़ा गाँव में चूल्हा नहीं जला है। सचिन की 6 वर्षीय बेटी अपनी दादी की गोद में शायद यही पूछ रही होगी— “पापा कब आएंगे?” और उस बूढ़ी दादी के पास अपनी मासूम पोती के इस सवाल का कोई जवाब नहीं है, सिवाय उन आँसुओं के जो रुकने का नाम नहीं ले रहे।

