चार घंटे में आरोपी सलाखों के पीछे
Crime Strory Haldwani : सगे भाई की हत्या : हल्द्वानी में बड़े भाई ने छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया।
CNE REPORTER, हल्द्वानी। बरेली रोड स्थित राम मंदिर बगीचा क्षेत्र में बीती रात हुई एक दिल दहला देने वाली हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। खून से सनी उस रात का पर्दाफाश नैनीताल जनपद पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर कर दिया। हत्या का आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक का सगा बड़ा भाई निकला।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉक्टर मंजुनाथ टीसी के सख्त निर्देशों पर गठित पुलिस टीम ने न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि हत्या में प्रयुक्त अवैध हथियार और लोटा भी बरामद कर लिया।

फ्लैशबैक : वह रात, जिसने सब कुछ बदल दिया
03 फरवरी 2026 की रात करीब ग्यारह बजे, राम मंदिर बगीचा बरेली रोड स्थित एक मकान में जोरदार बहस शुरू हुई। पड़ोसियों ने शोर सुना, लेकिन किसी ने अंदाजा नहीं लगाया था कि यह बहस कुछ ही मिनटों में खूनखराबे में बदल जाएगी।
बड़े भाई संदीप जायसवाल, जो पहले से जमानत पर बाहर था, शराब के नशे में छोटे भाई सोनू जायसवाल से उलझ पड़ा। छोटे भाई की गंभीर बीमारी और इलाज के लिए पैसों की कमी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ती चली गई। गुस्से और नशे ने विवेक पर कब्जा कर लिया।
अचानक संदीप ने घर में रखा लोटा उठाया और छोटे भाई पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल सोनू जमीन पर गिर पड़ा। परिजन उसे संभाल पाते, इससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

तहरीर से खुलासा तक
चार फरवरी की रात, मृतक के भतीजे अंकित जायसवाल ने कोतवाली हल्द्वानी पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। तहरीर मिलते ही हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और विवेचना उप निरीक्षक रोहताश सिंह सागर को सौंपी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल ने तत्काल खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कत्याल और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
चार घंटे में गिरफ्तारी, अवैध हथियार बरामद
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे बंद परिपथ दूरदर्शन कैमरों की फुटेज खंगाली, स्थानीय लोगों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ा। नतीजा यह रहा कि महज चार घंटे के भीतर नामजद आरोपी संदीप जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से बत्तीस बोर का रिवॉल्वर और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके साथ ही हत्या में प्रयुक्त लोटा भी पुलिस के कब्जे में लिया गया। अवैध हथियार की बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मुकदमा दर्ज किया गया।
पूछताछ में टूटा आरोपी, कबूला जुर्म
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसका छोटा भाई लंबे समय से बीमार था। इलाज के लिए पैसे नहीं थे, तनाव बढ़ता जा रहा था। उसी तनाव में उसने शराब पी और गुस्से में आकर यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरे मामले के सफल खुलासे में पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और समन्वय ने अहम भूमिका निभाई। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाए।
गिरफ्तारी टीम में शामिल अधिकारी और कर्मचारी:
- विजय सिंह मेहता – प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली हल्द्वानी
- रोहताश सिंह सागर – उप निरीक्षक, कोतवाली हल्द्वानी
- रविन्द्र राणा – उप निरीक्षक, चौकी मेडिकल
- कृपाल सिंह – उप निरीक्षक, चौकी हीरानगर
- मोहम्मद अजहर – कांस्टेबल, कोतवाली हल्द्वानी
- जगदीश भंडारी – कांस्टेबल, कोतवाली हल्द्वानी
एक परिवार उजड़ा, कई सवाल छोड़ गई वारदात
इस सनसनीखेज हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आर्थिक तंगी, बीमारी और नशा जब एक साथ मिलते हैं, तो इंसान किस हद तक गिर सकता है। बरेली रोड की वह रात अब केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के बिखरने की कहानी बन चुकी है।

