विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग को एक बड़ी सफलता मिली है। सतर्कता अधिष्ठान (Vigilance Establishment), सेक्टर हल्द्वानी की टीम ने शनिवार को चम्पावत जिले के वन क्षेत्र में रिश्वतखोरी पर नकेल कसते हुए एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। टीम ने दो वन कर्मियों – फॉरेस्ट गार्ड दीपक जोशी और भुवन चन्द्र भट्ट को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने यह कार्रवाई चम्पावत जिले के संवेदनशील क्षेत्र मस्टा वन बैरियर, ग्राम चौकी पर की। सूचना के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और दोनों फॉरेस्ट गार्डों को किसी कार्य के एवज में ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। आरोपियों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार फॉरेस्ट गार्डों की पहचान दीपक जोशी पुत्र बसंत बल्लभ जोशी, निवासी ग्राम लटोली, जनपद चम्पावत तथा भुवन चंद्र भट्ट पुत्र राम दत्त भट्ट, वर्तमान निवासी जूप वार्ड, नियर एमईएस कैंप, चम्पावत के रूप में हुई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी के अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपी वन कर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद, आरोपियों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई उत्तराखंड वन विभाग में व्याप्त संभावित भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश देती है।
सतर्कता का बढ़ता शिकंजा
यह कार्रवाई दिखाती है कि उत्तराखंड में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों में विजिलेंस की सक्रियता बढ़ी है। वन क्षेत्र, जो कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, में इस तरह की कार्रवाई से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इस घटना से वन विभाग के अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों को भी सख्त चेतावनी मिली है कि अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हल्द्वानी विजिलेंस की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों ने सराहना की है।

