बागेश्वर। जनपद में कोरोना संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच के लिए ट्रू नेट मशीन जिला अस्पताल को मिल गई है। दो -तीन दिन में मशीन से सैंपल की जांच शुरू हो जाएगी।
ट्रामा सेंटर को कोविड-19 सेंटर बनाया गया है। यहां पर मरीजों का इलाज और सैंपल लिए जा रहे हैं। अभी तक सैंपल जांच के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजे जा रहे हैं, सैंपल की जांच और इसकी रिपोर्ट आने में 3 से 4 दिन का समय लग रहा है। ट्रू नेट मशीन आने से एक दिन में 32 से 40 सैंपल की जांच हो सकेगी। इससे स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें भी दूर होंगी।
सैंपलों की जांच के लिए कोविड-19 अस्पताल में यह मशीन लगाई जा रही है। मशीन से कोरोना सैंपलों की जांच के लिए लैब टैक्निशियनों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जिले के लिए अच्छी खबर है।
उत्तराखंड के अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत बता चुके है कि ट्रू-नेट मशीन टीबी की जांच में इस्तेमाल की जाती है। कोरोना की जांच के लिए इसमें ट्रू-नेट कैट्रीज चिप लगानी पड़ती है। इस मशीन में अलग-अलग टाइप की जांच हो सकती है और अलग-अलग जांच के लिए अलग-अलग किट आते हैं। जैसे पहले सीडी प्लेयर होता था। आप अलग-अलग सीडी डालते थे और अलग-अलग मूवी देखते थे। उसी तरह इस मशीन में भी अलग-अलग जांच के लिए अलग-अलग किट आती है। पहले टीबी की जांच हो रही थी। अब कोरोना की जांच हो रही है।
उधर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने कोरोना की स्क्रिनिंग के लिए अप्रैल में ही इसकी मंजूरी दे दी थी। हालांकि उस समय तक इस मशीन का इस्तेमाल स्क्रिनिंग टेस्ट के लिए हो रहा था। लेकिन मई आखिरी में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने अपनी गाइडलाइंस में बदलाव किया। कहा कि ट्रू नेट से अब स्क्रिनिंग और कोरोना के कंफर्मेशन के लिए भी इस्तेमाल होगा।
अच्छी खबर : बागेश्वर में भी तुरंत आएगी कोरोना की रिपोर्ट, ट्रू नेट- अब तक लगाती थी टीबी का पता, अब तय करेगी कोरोना है या नहीं
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