CBI जांच के लिए भरी हुंकार
CNE REPORTER, बागेश्वर। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच और दोषियों को कड़ी सजा की मांग को लेकर बुधवार को बागेश्वर में कांग्रेस ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में स्टेशन रोड स्थित गांधी मूर्ति से नुमाइश खेत मैदान तक निकाली गई पदयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पूरा शहर “अंकिता को न्याय दो”, “सीबीआई जांच कराओ”, “दोषियों को सजा दो” के नारों से गूंज उठा।

स्वराज भवन स्थित गांधी मूर्ति पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार में जरा भी नैतिकता शेष है तो अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार के संगठन के बड़े पदाधिकारी इस कांड में सीधे तौर पर लिप्त हैं और उन्हें बचाने के लिए पहले सबूत नष्ट किए गए। भाजपा अपने बड़े वीआईपी को बचाने के लिए जांच से भाग रही है।
सरकार पर गंभीर आरोप: ‘वीआईपी’ को बचाने की कोशिश
करन माहरा ने कहा कि पूरे मामले का पर्दाफाश भाजपा के पूर्व विधायक की पत्नी द्वारा जारी किए गए ऑडियो से हो चुका है, इसके बावजूद मुख्यमंत्री यह कह रहे हैं कि वे अंकिता के परिजनों से बात कर उसी के अनुसार जांच करेंगे। जबकि अंकिता की मां शुरू से न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन उन्हें चुप करा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के बूथ अध्यक्ष से लेकर प्रदेश महामंत्री संगठन और प्रदेश प्रभारी तक इस प्रकरण में संलिप्त हैं।
पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है और भ्रष्टाचार चरम पर है। अंकिता हत्याकांड में भाजपा के वीआईपी की संलिप्तता सामने आने के बाद भी सरकार उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण और हरीश ऐंठानी ने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी। पूर्व दर्जा मंत्री गोपाल दत्त भट ने कहा कि भाजपा के बड़े नेताओं का विकास से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि उनका काम अपराधों को बढ़ावा देना है।
इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्टेशन रोड स्थित गांधी मूर्ति से नगर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी के साथ जुलूस निकाला और प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्जुन भट्ट ने की, जबकि संचालन राजेन्द्र टंगड़िया ने किया।
इस दौरान भगवत डसीला, सुनील भंडारी, बसंत कुमार, गोविंद बिष्ट, बाल कृष्ण, बलवंत टम्टा, रेखा आर्य, लोकमणि पाठक, कमलेश गड़िया, नवीन साह, राजेन्द्र परिहार, शंकर दत्त, लक्ष्मी धर्मसत्तू, लक्ष्मण आर्य, मनमोहन परिहार, सुंदर मेहरा, केवल पांडे, नरेंद्र कार्की, मनोज साह, पीके आर्य, नरेंद्र बिष्ट, प्रकाश काण्डपाल, किशन कठायत, नवल टम्टा, गोपा धपोला, गीता रावल, पूजा आर्य, गीता देवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद रहे।

