







सीएनई सहयोगी, सोमेश्वर
सोमेश्वर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा। कांग्रेस कार्यकर्ता अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोमेश्वर के समक्ष एकत्रित हुए और उन्होंने क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना—प्रदर्शन किया। दो टूक चेतावनी दी कि यदि अविलंब समस्याओं का निदान नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने सोमेश्वर में महिला बेस चिकित्सालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की थी। इसके लिए भूमि चयन भी किया गया था, मगर मौजूदा सरकार अब इस अस्पताल की स्थापना नहीं कर रही है। इसके बनने से महज क्षेत्र के ही नहीं बल्कि बागेश्वर व चमोली जिले के लोगों को भी लाभ पहुंचता। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2004—05 सोमेश्वर में पालीटेक्निक खोलने की घोषणा हुई थी। मगर भूमि चयन होने के बावजूद यह पालीटेक्निक आज तक अस्तित्व में नहीं आ सका। इसके अलावा कांग्रेसजनों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सोमेश्वर तहसील तो बनी, मगर करीब तीन सालों से इस तहसील में न तो स्थाई उप जिलाधिकारी आए और न ही स्थाई तहसीलदार बैठते हैं। ऐसे में लोगों को छोटे—छोटे के कार्यों के लिए 50 किमी दूर अल्मोड़ा के चक्कर काटने पड़ते हैं। चेतावनी दी कि इन समस्याओं का समाधान एक सप्ताह के अंदर नहीं हुआ तो कांग्रेस कार्यकर्ता तालाबंदी के साथ उग्र आंदोलन करेंगे और इसकी जिम्मेदारी शासन—प्रशासन की होगी। बाद में उक्त मांगों को ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया।
धरना—प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एडवोकेट कृष्ण सिंह बिष्ट, कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष किशोर नयाल, प्रकाश खाती, भुवन दोसाद, गिरीश कांडपाल, श्याम सिंह, चंद्रशेखर लोहनी, राजू भट्ट, बालम भाकुनी, भीम सिंह अल्मिया, दीपा जोशी, हीरा मेहरा, कमला देवी, कविता देवी, पनुली देवी आदि तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।












