HomeUttarakhandDehradunCM धामी ने किया बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग की प्रतिमा का अनावरण

CM धामी ने किया बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग की प्रतिमा का अनावरण

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गोरखा समुदाय के शौर्य और योगदान को किया सलाम

सीएनई रिपोर्टर। देहरादून में स्वर्गीय हरबंश कपूर मैमोरियल सभागार, गढ़ी कैंट में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दिवंगत बैरिस्टर अरि बहादुर गुरूंग की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन (एआईजीईडब्ल्यूए) की स्मारिका का भी विमोचन किया।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने गोरखा समुदाय की राष्ट्रभक्ति और अदम्य साहस की सराहना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक संगठन का उत्सव नहीं है, बल्कि सदियों से गोरखा सैनिकों द्वारा संजोए गए पराक्रम, समर्पण और गौरवशाली परंपरा का उत्सव है।

  • विश्व युद्ध गाथाओं में अनिवार्यता: मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया की कोई भी युद्ध गाथा गोरखाओं के बिना पूर्ण नहीं मानी जाती।
  • राष्ट्रीय सम्मान: उन्होंने ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन को भारत सरकार द्वारा ऑल इंडिया स्टेटस प्रदान किए जाने को समुदाय की प्रतिष्ठा और योगदान का सच्चा सम्मान बताया।
  • 75 वर्षों का समर्पण: एसोसिएशन ने पिछले 75 वर्षों में ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ लाखों गोरखा भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों (युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की पत्नियों) और उनके आश्रितों को लाभान्वित किया है।

व्यावसायिक प्रशिक्षण और सामुदायिक विकास

मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन द्वारा पूरे भारत में चलाए जा रहे निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी सराहना की, जिनमें गोरखा समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदायों के युवाओं को भी शामिल किया जाता है। उन्होंने गोरखाओं की मेहनत, अनुशासन और निष्ठा को राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान बताया।

⚔️खुखरी सिर्फ हथियार नहीं, मातृभूमि की रक्षा का संकल्प है

मुख्यमंत्री धामी ने गोरखाओं के शौर्य का वर्णन करते हुए कहा कि “जिस मैदान में गोरखा टिक गए, वहां दुश्मन कभी टिक नहीं पाया है”। उन्होंने कहा कि गोरखा जवानों के लिए खुखरी केवल एक हथियार नहीं है, बल्कि मातृभूमि की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि भारत का हर नागरिक इस शौर्य, बलिदान और राष्ट्र सेवा के लिए आभारी है।

गोरखा वीरों का बलिदान अविस्मरणीय

मुख्यमंत्री ने भारत माता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अनगिनत वीरों को याद किया:

  • अमर वीर मेजर दुर्गा मल्ल
  • परमवीर चक्र विजेता धन सिंह थापा
  • आजाद भारत के प्रथम अशोक चक्र विजेता नर बहादुर थापा

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी गोरखा रेजिमेंट के जवानों की अदम्य बहादुरी और राज्य के सर्वांगीण विकास में उनके अहम योगदान की प्रशंसा की।

इस महत्वपूर्ण समारोह में विधायक सविता कपूर, केंद्रीय सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव बिग्रेडियर डीएस बसेड़ा, ऑल इंडिया गोरखा एक्स-सर्विसमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्नल आरएस क्षेत्री, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पद्म सिंह थापा, और कई सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी शामिल हुए, जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एके सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) रामसिंह प्रधान, मेजर (सेवानिवृत्त) सम्मी सब्बरवाल, और मेजर (सेवानिवृत्त) बीएस थापा प्रमुख थे।

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SOURCE: YOUTUBE SHORTS
Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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