कॉन्ट्रैक्टर परवेज मलिक और एनएच के सहायक अभियंता शंकर सिंह कर रहे निगरानी
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। क्वारब डेंजर जोन में सड़क की सुरक्षा और मजबूती को लेकर क्लस्टर एंकरिंग (Cluster Anchoring) का कार्य प्रगति पर है। पहाड़ी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए यहां चल रहा यह कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग से आवागमन करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्माण कार्य की प्रगति के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। ठेकेदार परवेज मलिक स्वयं मौके पर रहकर कार्य करवा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway—NH) के सहायक अभियंता शंकर सिंह भी कार्य की निगरानी कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत (Road Maintenance) के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क के नीचे की जमीन या चट्टान को स्थिर बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। जहां ढलान कमजोर हो, भू-स्खलन (Landslide) का खतरा हो अथवा सड़क के किनारे की जमीन खिसकने की आशंका हो, वहां परिस्थितियों के अनुसार विशेष तकनीकी उपाय अपनाए जाते हैं।
क्लस्टर एंकरिंग (Cluster Anchoring) का सामान्य अर्थ एंकरों के समूह के माध्यम से जमीन, चट्टान या संबंधित संरचना को स्थिर करने की व्यवस्था से है। इसमें तकनीकी डिजाइन के अनुरूप एंकरों को स्थापित कर कमजोर हिस्से को अतिरिक्त सहारा दिया जा सकता है। हालांकि, वास्तविक तकनीक और उसके उपयोग का स्वरूप संबंधित स्थल की भूगर्भीय स्थिति तथा स्वीकृत इंजीनियरिंग डिजाइन पर निर्भर करता है।
क्वारब जैसे पहाड़ी क्षेत्र में सड़क की स्थिरता बनाए रखने के लिए इस तरह के उपचार कार्यों का विशेष महत्व है। सड़क के नीचे की जमीन कमजोर होने, ढलान अस्थिर होने या किनारे की संरचना पर दबाव पड़ने की स्थिति में उचित तकनीकी उपचार सड़क की सुरक्षा बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।
16, 14 और 10 मीटर की गहराई से जुड़ा कार्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्वारब डेंजर जोन में चल रहे कार्य में 16 मीटर, 14 मीटर और 10 मीटर की गहराई के अलग-अलग स्तर शामिल हैं। इन गहराइयों पर किस प्रकार की एंकरिंग या अन्य तकनीकी प्रक्रिया अपनाई जा रही है, इसका सटीक विवरण विभागीय तकनीकी जानकारी से ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, कार्य को आगे बढ़ाने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
ठेकेदार परवेज मलिक स्वयं कार्यस्थल पर मौजूद रहकर निर्माण कार्य करवा रहे हैं। उनका कहना है कि वह पूरे कार्य की निगरानी कर रहे हैं। संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में काम के दौरान मौके पर मौजूद रहना, कार्य की प्रगति पर नजर रखना और गुणवत्ता संबंधी सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण है।
विभागीय निगरानी में गुणवत्ता पर जोर
राष्ट्रीय राजमार्ग के सहायक अभियंता शंकर सिंह भी कार्य की निगरानी कर रहे हैं। निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखना विभाग के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सड़क सुरक्षा से जुड़े उपचार कार्यों का प्रभाव उनकी तकनीकी शुद्धता और निर्धारित मानकों के पालन पर निर्भर करता है।
विभागीय निगरानी और ठेकेदार की प्रत्यक्ष भागीदारी से कार्य की प्रगति पर नजर रखने में मदद मिलती है। अपेक्षा की जा रही है कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप आगे बढ़ेगा और क्वारब डेंजर जोन की सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में उपयोगी साबित होगा।
आम जनता के हित से जुड़ा है कार्य
क्वारब डेंजर जोन से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों, कारोबारियों और अन्य यात्रियों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस क्षेत्र में सड़क की स्थिरता बनाए रखना केवल निर्माण विभाग का तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सीधे तौर पर जनहित और यात्री सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
सड़क की सुरक्षा बेहतर होने से आवागमन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए जरूरी है कि उपचार कार्य की नियमित निगरानी हो, गुणवत्ता से समझौता न किया जाए और काम के दौरान सड़क से गुजरने वाले वाहनों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
प्रयास सराहनीय, गुणवत्ता से पूरी होगी उम्मीद
क्वारब जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तकनीकी कार्य कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में ठेकेदार परवेज मलिक का स्वयं मौके पर रहकर काम करवाना और सहायक अभियंता शंकर सिंह द्वारा कार्य की निगरानी करना सकारात्मक पहल है। विभाग और निर्माण एजेंसी के बीच बेहतर समन्वय इस कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
फिलहाल, प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्य प्रगति पर है और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी हुई है। आम जनता की अपेक्षा है कि क्वारब डेंजर जोन में चल रहा कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा हो, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।









