60–65 गांवों के मरीजों का सहारा है स्वास्थ्य केंद्र
नियमित स्वच्छक तक नहीं—स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
CNE REPORTER, सुयालबाड़ी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सुयालबाड़ी में नियमित स्वच्छक के अभाव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा होने से व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालात देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि लोगों को स्वस्थ रखने वाला स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बदहाली का शिकार हो गया है।
सीएचसी सुयालबाड़ी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। यहां आसपास के 60 से 65 गांवों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी के लिए यह स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक चिकित्सा और उपचार का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में अस्पताल परिसर में नियमित सफाई व्यवस्था का न होना आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।

स्वास्थ्य केंद्र में गंदगी का आलम बना रहने से मरीजों और उनके तीमारदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि जहां स्वच्छता को स्वास्थ्य सेवाओं का बुनियादी हिस्सा माना जाता है, वहीं सीएचसी सुयालबाड़ी में नियमित स्वच्छक तक उपलब्ध नहीं है।
अटैच किया गया स्वच्छक भी नहीं पहुंच रहा : प्रभारी
इस संबंध में सीएचसी सुयालबाड़ी के प्रभारी डॉ. राहुल टम्टा ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में एक स्वच्छक को अटैच किया गया है, लेकिन वह भी नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में सफाई व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है।
स्वास्थ्य केंद्र जैसे संवेदनशील संस्थान में तैनात कर्मचारी का अपने कार्यस्थल पर नहीं पहुंचना व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। इससे न केवल अस्पताल की स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि मरीजों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
सीएमओ ने लिया संज्ञान, स्वच्छक का वेतन रोकने के आदेश
मामले को लेकर सीएनई संवाददाता ने नैनीताल की सीएमओ डॉ. रश्मि पंत से बातचीत की। सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र में तैनात स्वच्छक के नहीं पहुंचने के मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उसका वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि वर्तमान में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में मात्र 10 स्वच्छक तैनात हैं। उन्होंने कहा कि सीएचसी सुयालबाड़ी की स्थिति को देखते हुए जल्द ही वहां एक स्वच्छक की तैनाती की जाएगी।
स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पद भरने की मांग
इधर क्षेत्रीय जनता ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सफाई व्यवस्था तक सुचारू नहीं है तो बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद कैसे की जा सकती है। सरकार को चाहिए कि सीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में केवल स्वच्छक ही नहीं, बल्कि चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य आवश्यक पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।
सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार जरूरी
जनता ने मांग की है कि सीएचसी सुयालबाड़ी में तत्काल नियमित स्वच्छक की तैनाती की जाए और अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। साथ ही तैनात कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था भी बनाई जाए।
60 से 65 गांवों की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले इस महत्वपूर्ण केंद्र की बदहाली दूर करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। अब देखना होगा कि सीएमओ द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद सीएचसी सुयालबाड़ी की सफाई व्यवस्था में कितनी जल्दी सुधार आता है।


